सिंहपुर (अमेठी)। ब्लॉक क्षेत्र के जियापुर ग्राम पंचायत में प्राथमिक विद्यालय की भूमि पर मदरसा व अस्पताल की भूमि पर प्राथमिक विद्यालय बना दिया गया है। मामला चार वर्ष पूर्व प्रकाश में आया था। जांच में मामला सही मिलने व अफसरों द्वारा दोषियों के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया गया था। हालांकि अब तक न तो किसी पर केस दर्ज हुआ न ही कोई कार्रवाई। मामला एक हफ्ते पूर्व दोबारा तब गरम हो गया, जब राजस्व टीम पुन: मामले की जांच करने गांव पहुंची।
जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत के राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 460 प्राथमिक विद्यालय और गाटा संख्या 461 अस्पताल के नाम दर्ज है। 1995 में गाटा संख्या 461 अस्पताल की भूमि पर गलती से प्राथमिक विद्यालय का निर्माण करा दिया गया। इसके लंबे समय बाद प्राथमिक विद्यालय के लिए आवंटित भूमि गाटा संख्या 460 पर करीब पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन ग्राम प्रधान के परिवारीजनों ने मदरसा जियाउल उलूम अशफिया का निर्माण करा दिया।
उसी दौरान मामले की शिकायत ग्रामीणों द्वारा डीएम से की गई थी। शिकायत को संज्ञान लेते हुए डीएम ने एसडीएम को जांच कराने की जिम्मेदारी दी। एसडीएम ने गांव में तैनात रहे राजस्व लेखपाल चंद्रमणि वर्मा और राजस्व निरीक्षक सुशील चंद्र मिश्र से जांच कराई तो मामला सही पाया गया। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट के साथ शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि मामले में एफआईआर दर्ज कराएं। परंतु मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
एक सप्ताह पूर्व यह मामला पुन: प्रकाश में आया। इस बार भी एसडीएम तिलोई के निर्देश पर स्थानीय राजस्व लेखपाल रवि मिश्र के साथ मौके पर पहुंची टीम ने स्थलीय जांच की तो प्राथमिक विद्यालय की जमीन पर मदरसा भवन पाया गया। सिंहपुर की खंड शिक्षा अधिकारी नूतन जायसवाल ने बताया कि मामला मेरे भी संज्ञान में आया है। अपने स्तर से हमने भी जांच कराई है राजस्व विभाग से जांच रिपोर्ट आने पर अगली कार्यवाही की जाएगी।
मदरसा प्रबंधक डॉ. इकबाल ने बताया कि चूंकि प्राथमिक विद्यालय पहले से बना था और मदरसा के नाम भी जमीन दर्ज थी। सही से स्थल सत्यापन न होने के कारण गलती हो गई। हमने जानबूझकर प्राथमिक विद्यालय की भूमि पर मदरसा का निर्माण नहीं कराया।