गौरीगंज (अमेठी)। बाबूगंज सगरा स्थित आश्रम से घर जा रही महिला रसोइया की सोमवार भोर करीब पांच बजे धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। महिला के पति की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। पुराने भूमि विवाद को घटना की वजह बताया जा रहा है। अफसरों ने घटनास्थल का जायजा लिया। एसपी ने प्रकरण की जांच के लिए एएसपी की नेतृत्व में कई टीमें गठित की हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
स्थानीय थाना क्षेत्र के गांव पूरे पंडित मजरे बाजगढ़ी निवासी भास्कर दत्त द्विवेदी की पत्नी मीरा देवी (42) बाबूगंज सगरा स्थित श्रीमत परमहंस आश्रम पर रसोइया थीं। मीरा वर्ष 2004 से प्रतिदिन मौनी स्वामी का फलाहार बनाकर उन्हें देती थीं। उसके बाद सुबह आश्रम से अपने घर जाती थीं।
रोज की भांति सोमवार सुबह करीब पांच बजे मीरा मौनी स्वामी को जल देने के बाद बांदा-टांडा मार्ग से पैदल अपने घर जा रही थीं। सुबह सात बजे तक उनके घर नहीं पहुंचने पर जब पति ने आश्रम फोनकर पूछा तो पता चला कि वे तो प्रतिदिन की तरह सुबह पांच बजे ही यहां से चली गई हैं। इसी बीच आश्रम व टोलगेट के बीच एक महिला के पड़े होने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही मौनी स्वामी तथा व भास्कर आदि मौके पर पहुंचे तो महिला की पहचान मीरा के रूप में की गई। अस्पताल लाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही एसपी दिनेश सिंह, एएसपी विनोद कुमार पांडेय, सीओ गुरुमीत सिंह तथा एसएचओ अजीत विद्यार्थी मौके पर पहुंच गए। एसपी ने घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए एएसपी के नेतृत्व में कई टीमें गठित कर पूरे प्रकरण की जांच का निर्देश दिया है।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पति की ओर से देर शाम दी गई तहरीर के आधार पर पूरे पंडित निवासी सगे भाई उमाशंकर मिश्र व जटाशंकर मिश्र के अलावा जामो थाना क्षेत्र के बरौलिया गांव निवासी तीन सगे भाई राजीव, रणवीर व दिलीप के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। विद्यार्थी ने बताया कि नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
मीरा की हुई हत्या : मौनी स्वामी
अस्पताल में मौजूद मौनी स्वामी ने कहा कि मीरा व उनके पति भास्कर वर्ष 2004 से आश्रम से जुड़े थे। मीरा व भास्कर ही उनके फलाहार व जलपान आदि की व्यवस्था देखते थे। मीरा की हत्या की गई है। मौनी व मृतका के पति ने जमीनी विवाद के चलते हत्या किए जाने की बात कही। कहा, जब तक हत्या करने वालों को पकड़ा नहीं जाता वे चुप नहीं बैठेंगे।
अस्पताल पर डटे रहे विधायक राकेश
मौनी स्वामी की रसोइया की मौत की सूचना पर विधायक गौरीगंज राकेश प्रताप सिंह भी अस्पताल पहुंच गए। शव का पोस्टमॉर्टम होने तक विधायक मौनी स्वामी के साथ अस्पताल पर डटे रहे। पीएम होने के बाद शव घर ले जाया गया तो मौनी स्वामी और विधायक भी मीरा के घर गए।
बच्चों से छिना मां का साया
मीरा व भाष्कर के कुल पांच संताने हैं। सबसे बड़ी बेटी शालिनी (21) डीफार्मा कर रही है। उससे छोटा शिवम एनडीए की तैयारी कर रहा है। विमलेेश इंटर तक की पढ़ाई किया है। उससे छोटा हरीश भी एनडीए की तैयारी कर रहा है। सबसे छोटा मनीष ने अभी हाईस्कूल की परीक्षा पास की है। मीरा की हत्या से बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया।