अमेठी सिटी। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने को लेकर विभाग की ओर से कवायद की जा रही है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के तहत जिले में 65 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण होगा। एक उपकेंद्र के निर्माण से करीब पांच से आठ हजार की आबादी लाभान्वित होगी। अभी नए उपकेंद्रों को संचालित करने को लेकर किराए के भवनों की खोज भी की जा रही है। वहीं, राजस्व विभाग के सहयोग से भवन निर्माण के लिए भूमि की तलाश शुरू हो गई है।
सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सामान्य ग्रामीण क्षेत्रों की पांच हजार व दुर्गम क्षेत्रों की तीन हजार की आबादी पर एक स्वास्थ्य उपकेंद्र स्थापित किए जाने का मानक निर्धारित किया गया है। जिसके तहत ऐसे ग्रामीण क्षेत्र जो स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं वहां की आबादी को सुविधा उपलब्ध कराए जाने की कवायद शुरू हो गई है।
जिले में इस समय 282 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। इनमें से 76 स्वास्थ्य उपकेंद्र ऐसे हैं, जो किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। वहीं 196 स्वास्थ्य उपकेंद्र सरकारी भवनों में ही संचालित हैं। अब शासन ने जिले में नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण को लेकर मंजूरी दी है। जिले में 65 स्वास्थ्य उपकेंद्र भवनों को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत एवं राजस्व विभाग के सहयोग से भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है।
जब तब स्थायी भवनों का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक स्वास्थ्य उपकेंद्र को तीन हजार रुपये मासिक किराए के भवन में संचालित करने को कहा गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुट गया है। किराए के भवन व भूमि चिह्नित कराने की कवायद की जा रही है।
इन सीएचसी क्षेत्रों में बनेंगे उपकेंद्र
जिले की सीएचसी क्षेत्र जगदीशपुर और सिंहपुर में सबसे अधिक 9-9 स्वास्थ्य उपकेंद्र बनेंगे। वहीं, तिलोई, बाजार शुकुल व जामो में 6-6 तो गौरीगंज में पांच स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ अमेठी, भादर, फुरसतगंज व मुसाफिरखाना में 4-4 उपकेंद्र, शाहगढ़, भेटुआ में तीन-तीन उपकेंद्र और संग्रामपुर में दो उपकेंद्र बनेंगे।
ये मिलेंगी सुविधाएं
स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण से आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। उपकेंद्र पर सुरक्षित प्रसव, शिशु देखभाल, टीकाकरण, परिवार नियोजन, बीमारियों का उपचार, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, मानसिक, नाक, कान, आंखों का उपचार और आकस्मिक ट्राॅमा सेवाओं का लाभ मिलेगा।
बजट मिलने के बाद शुरू होगा संचालन
डीसीपीएम अशोक यादव ने बताया कि जिले में संचालित उपकेंद्रों के सापेक्ष 86 स्वास्थ्य उपकेंद्र किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं। बताया कि नए 65 उपकेंद्रों का निर्माण होगा। भवन निर्माण के पूर्व उन्हें संचालित किया जाना है। किराए के भवन की तलाश की जा रही है। बताया कि बजट मिलने के बाद इन नए उपकेंद्रों को किराए के भवन में संचालित कराया जाएगा।
चिह्नित कराई जा रही जमीन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि जिले में 65 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र भवनों का निर्माण होगा। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम लेखपाल व ग्राम प्रधान के सहयोग से भूमि चिह्नित करने की कवायद कर रही है। नए उपकेंद्रों के निर्माण के बाद उस क्षेत्र की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।