गौरीगंज में पेट्रोलपंप पर ईंधन लेने के लिए मौजूद लोग। -संवाद्र
अमेठी सिटी। पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाह ने ऐसी लूट मचाई कि जिले में ईंधन खपत कई गुना बढ़ गई। महज पांच दिनों में करीब 20 दिनों के बराबर ईंधन बिक गया, जिससे कई पेट्रोल पंपों पर अस्थायी संकट की स्थिति बन गई। हालांकि सोमवार को भीड़ कम रही और बैंकिंग शुरू होने से मंगलवार तक हालात सामान्य होने की उम्मीद है।
जिले में 141 पेट्रोल पंप संचालित हैं। पूर्ति विभाग के अनुसार वर्तमान में 1701 किलोलीटर डीजल और 1160 किलोलीटर पेट्रोल का स्टॉक उपलब्ध है। कंपनियों से आपूर्ति सामान्य है, लेकिन 25 मार्च की शाम अफवाह फैलते ही बड़ी संख्या में वाहन चालक पंपों पर पहुंच गए। जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने के कारण कुछ ही घंटों में कई पंपों के टैंक खाली हो गए।
अधिकारियों के मुताबिक समस्या आपूर्ति की नहीं, बल्कि भुगतान व्यवस्था में बदलाव की रही। अब पेट्रोलियम कंपनियां अग्रिम नकद भुगतान पर ही आपूर्ति कर रही हैं। जिन पंपों ने समय पर भुगतान किया, वहां सप्लाई बनी रही, जबकि उधारी पर चलने वाले छोटे पंप प्रभावित हुए।
आंकड़ों के अनुसार 25 से 29 मार्च के बीच 2620 किलोलीटर पेट्रोल और 2740 किलोलीटर डीजल की बिक्री हुई, जबकि सामान्य खपत क्रमश: 179 और 181 किलोलीटर प्रतिदिन है। इस तरह पांच दिनों में खपत करीब चार गुना तक पहुंच गई। सोमवार को गौरीगंज समेत प्रमुख पंपों पर स्थिति सामान्य दिखी, हालांकि कुछ जगहों पर आशंका बनी रही। पंप संचालकों का कहना है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है, केवल क्रेडिट व्यवस्था बंद होने से शुरुआती दिक्कत आई थी।