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सड़क बहने से दर्जनों गांवों का आवागमन बाधित

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संग्रामपुर (अमेठी)। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र में करीब एक वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग द्वारा दला का पुरवा से भावापुर में बनी सड़क का एक हिस्सा पांच माह पहले हुई बारिश में बह गया। सड़क बहने से एक दर्जन गांवों का आपस में संपर्क टूट गया है। ऐसे में ग्रामीणों को अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीण लगातार मार्ग ठीक कराने की मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं।
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संग्रामपुर के बनवीरपुर के दला का पुरवा गांव के आसपास के कई गांव के लोग कई दशक से मालती नदी पर पुल निर्माण कराने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों की मांग पर छह वर्ष पहले मालती नदी पर पुल का निर्माण कराया गया। पुल के दोनों तरफ एक किलोमीटर नई सड़क का निर्माण भी कराया गया था। पुल और सड़क बनने से दर्जनों गांव के ग्रामीणों की आवाजाही सुलभ हो गई थी।
पांच माह पूर्व हुई तेज बारिश के बहाव में पुल से करीब 100 मीटर आगे सड़क पूरी तरह से बह गई। सड़क बह जाने से लोगों का आवागमन एकदम बंद हो गया। आवागमन बंद होने से नया बना पुल भी निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है। पुल बनने से दला का पुरवा, तिवारी का पुरवा, श्याम प्रसाद का पुरवा, राम प्रसाद का पुरवा, धौरहरा, लाला का पुरवा, सेनपुर, बनवीरपुर, अम्मरपुर, मवुहरिया, भावापुर, अमटाही, अमरइया, उपाध्याय का पुरवा, बील्हापुर, भौरहन का पुरवा, भादर, नरहरपुर, चिकुलही आदि गांव आपस में इसी पुल से आवाजाही करते थे।
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ग्रामीणों के अनुसार कई बार अधिकारियों को सूचित किया गया। बावजूद इसके अब तक कोई सड़क देखने तक नहीं आया। ऐसे में कई गांवों के लोग कई किलोमीटर की अलग से दूरी तय कर अपने गंतव्य तक जाने को मजबूर हैं। पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता अमित पाठक ने बताया कि जानकारी मिली है। इस्टीमेट बनाकर भेजा जा रहा है। जल्द ही सड़क सही करा दी जाएगी।
अधिकारी दिक्कत सुनने को तैयार नहीं
ग्रमीण वेद प्रकाश ने बताया कि कई दशक से हम लोग पुल की मांग कर रहे थे। छह साल पहले पुल तैयार हो गया। हम लोगों का आवागमन आसान होने के साथ समय की भी बचत होने लगी थी। पर बीते पांच महीने से सड़क से आवागमन पूर्ण रूप से बंद है। कोई अधिकारी और प्रतिनिधि इस तरह ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीण अभयराज ने बताया कि आसपास के लोगों को पता है कि सड़क बह गई है। लेकिन नए राहगीर हर रोज गिर कर चोटिल हो रहे हैं। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी आंख मूंदे हुए हैं।
ग्रामीण गया प्रसाद ने बताया कि सरकार ने लंबी लागत से पुल बनाया पर जब सड़क ही बह गई है तो पुल का कोई मतलब ही नहीं निकल रहा है। पांच महीने से पुल शोपीस बनकर रह गया है। ग्रामीण सूबे यादव ने बताया कि सड़क बहने से दर्जनों गांवों का आपस मे आवागमन बंद है। अधिकारियों को इससे मतलब नहीं है। हम लोगों की सुनने वाला कोई नहीं है।
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