गौरीगंज (अमेठी)। जिला प्रशासन ने धान क्रय केंद्रों से संबद्ध राइस मिलर्स की मनमानी पर अंकुश लगाने की योजना बनाई है। डीएम ने डिप्टी आरएमओ की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गठित करते हुए प्रतिदिन मिल का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है। निरीक्षण के दौरान मिल को प्रेषित धान व चावल के स्टॉक का सत्यापन करने तथा कमी मिलने पर केस दर्ज करवाने का आदेश भी दिया गया है।
किसानों के खरीदे गए धान की कुटाई कर भारतीय खाद्य निगम को चावल प्रेषित करने के लिए क्रय केंद्रों से संबद्ध राईस मिलर्स की मनमानी अब नहीं चलेगी। मिलों को उपलब्ध कराए गए धान की तय समय में कुटाई हो सके व चावल एफसीआई को प्राप्त हो सके इसके लिए डीएम अरुण कुमार ने सभी मिलों का स्थलीय निरीक्षण करवाने के साथ स्टॉक का सत्यापन कराने की योजना पर काम शुरू किया है।
कवायद सफल हो सके इसके लिए डिप्टी आरएमओ भीमाचंद गौतम, संबंधित तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व नामित संस्थान के प्रभारी की अगुवाई में टीम गठित करते हुए प्रतिदिन निरीक्षण करने का आदेश दिया है।
निरीक्षण के समय केंद्र द्वारा प्रेषित धान व उसके सापेक्ष भारतीय खाद्य निगम को प्रेषित चावल तथा स्टॉक का सत्यापन करने में गड़बड़ी मिलने की दशा में केस दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। डीएम ने गठित टीम द्वारा मिलों का निरीक्षण नहीं करने तथा प्रतिदिन रिपोर्ट नहीं मिलने की दशा में विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।