अमेठी। भरेथा चौबेपुर गांव का रहने वाला राहुल मिश्र एक बार फिर सुर्खियों में है। बलरामपुर पुलिस ने उसे 60 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है। ग्रामीण बताते हैं कि यह पहला मौका नहीं है, जब राहुल का नाम ठगी में सामने आया हो। इससे पहले भी वह जेल जा चुका है। करीब तीन माह पहले जब वह गांव आया तो कोई उसे पहचान नहीं सका। शायद पुलिस से बचने के लिए उसने चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी करा ली थी।
साइबर ठगी के ही केस में दिसंबर 2024 में राहुल को चंदौली जेल भेजा गया था। मार्च 2025 में वह जेल से छूटा था। उसके कुछ दिन बाद वह गांव आया। ग्रामीणों के मुताबिक वह प्रतिदिन सुबह अपनी स्कूटी से निकलता था और शाम को वापस आ जाता था। उसका चेहरा बदला होने के कारण कोई उसे पहचान नहीं पाता था। उसको अपने घर से निकलते और फिर वापस लौटते ग्रामीणों ने देखा, तब पता चला कि वह राहुल है।
इस बार जब राहुल गांव आया तो उसने किसी गांव वाले से बात नहीं की। ग्रामीणों का कहना है कि राहुल बचपन से ही अलग-थलग स्वभाव का था। लोगों से बातचीत नहीं करता था। राहुल के घर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। स्थानीय थाने में उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला अब तक सामने नहीं आया है।
तीन साल पहले हुई थी शादी
ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन साल पहले राहुल की शादी प्रतापगढ़ के अंतू में हुई थी। उसकी शादी में गांव से किसी को भी नहीं बुलाया गया था। शादी के एक साल बाद वह किसी आपराधिक मामले में जेल चला गया था। उसी दौरान उसकी पत्नी और बच्चा घर छोड़कर चले गए थे, तब से उसकी पत्नी अपने मायके में ही रह रही है। ये भी बताया कि राहुल लगभग 10 साल पूर्अव पने पिता जय प्रकाश मिश्र के साथ लखनऊ चला गया था। दोनों वहां अलग-अलग रहते थे। गांव में राहुल का मां और छोटी बहन रहती है। दो बहनों की शादी हो चुकी है। पिता लखनऊ में नौकरी करते हैं।
बलरामपुर पुलिस को बताया, बाल झड़ने की बीमारी है
राहुल का अलग टाइप का चेहरा देख बलरामपुर की स्पेशल पुलिस टीम ने जब पूछा तो उसने बताया कि बाल झड़ने की बीमारी है, इसलिए चेहरा अलग दिख रहा है। हालांकि, वहां की पुलिस को राहुल के प्लास्टिक सर्जरी कराने की शंका हुई, लेकिन इसको लेकर ज्यादा पूछताछ नहीं की गई।