कलेक्ट्रेट में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देते ब्राह्मण मंच के कार्यकर्ता। आयोजक
अमेठी। अखिल भारतीय ब्राह्मण परिवार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियम का विरोध किया है। मंगलवार को संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें प्रस्तावित नियम को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है।
जिलाध्यक्ष शिवम मिश्र ने कहा कि वर्तमान सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम में वर्ष 2012 के बाद वर्ष 2026 में संशोधन कर यह नया नियम प्रस्तुत किया है, जो शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक ताने-बाने को भी प्रभावित करेगा। इसे जनभावनाओं के विपरीत बताते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की गई है। कहा कि शिक्षा नीति में किसी भी प्रकार का बदलाव सभी वर्गों की सहमति और व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही किया जाना चाहिए।
इस दौरान राजकुमार तिवारी, रमाकांत मिश्रा, शिवम पांडेय, आलोक मिश्रा, जमुना प्रसाद शुक्ला, अनुभव मिश्रा और कैलाश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
किसान मजदूर सेवा संस्थान ने भी दिया ज्ञापन
अमेठी। किसान मजदूर सेवा संस्थान ने मंगलवार को एसडीएम आशीष सिंह को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के नए नियम को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने इस नियम को काला कानून करार देते हुए कहा कि यह जातिगत उत्पीड़न, असमानता और भेदभाव को बढ़ावा देता है। यह समाज में समानता की भावना को नष्ट करने वाला है। इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी प्रेम शंकर द्विवेदी सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।