अमेठी सिटी। इस बार जिले का पौधरोपण अभियान केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं रहेगा। अभियान को शहीदों के स्मृति , औषधीय पौधों के संरक्षण और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने से जोड़ा गया है। इसके तहत वन विभाग जिले के सभी विकास खंडों में वंदे मातरम् वन, महर्षि चरक वन और समृद्धि वन विकसित करेगा। इसके लिए स्थलों का चयन लगभग पूरा हो चुका है और पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में वंदे मातरम् वन स्थापित किए जाएंगे। इन वनों का उद्देश्य हरियाली बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को राष्ट्र भक्ति के मूल्यों से जोड़ना है। महर्षि चरक वन में हर्रा, बहेड़ा, अर्जुन, जामुन, आंवला, बेल, नीम और अशोक जैसे औषधीय महत्व वाले पौधे लगाए जाएंगे। इनसे औषधीय प्रजातियों का संरक्षण होगा और लोगों में इनके महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।
समृद्धि वन योजना के तहत किसानों के खेतों की मेड़ों पर आम, अमरूद, आंवला, नींबू, सहजन, कटहल और जामुन जैसे फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इससे खेतों की मेड़ें हरित होंगी और भविष्य में किसानों को फल उत्पादन से अतिरिक्त आमदनी भी होगी। अभियान में पौधरोपण के साथ संरक्षण और नियमित देखभाल पर भी विशेष ध्यान रहेगा। (संवाद)
इन प्रजाति के पौधों का होगा रोपण
औषधीय पौधे : हर्रा, बहेड़ा, अर्जुन, जामुन, आंवला, बेल, नीम, अशोक
फलदार पौधे : आम, अमरूद, आंवला, नींबू, सहजन, कटहल, जामुन
स्मृति वन : वंदे मातरम् वन में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप छायादार और दीर्घायु पौधों का रोपण होगा।
हर पौधा बनेगा भविष्य की पूंजी
डीएफओ रणवीर मिश्रा ने बताया कि इस बार पौधरोपण अभियान को केवल रोपण तक सीमित नहीं होगा। पौधों के संरक्षण, नियमित निगरानी और जनसहभागिता पर बराबर जोर रहेगा। तीनों प्रकार के वन पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, औषधीय पौधों के संवर्धन और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।