अमेठी सिटी। मुख्य लाइन और विभिन्न उपकेंद्रों में तकनीकी खराबी के कारण मंगलवार को जिले की बिजली व्यवस्था चरमराई रही। रातभर बिजली की आवाजाही से लोगों को उमस और गर्मी के बीच जागकर रात बितानी पड़ी, जबकि दिन में लगातार कटौती से पेयजल, कारोबार और सरकारी कामकाज प्रभावित रहा।
जिला मुख्यालय पर रात और दिन मिलाकर करीब सात घंटे बिजली बाधित रही। जामों उपकेंद्र से सोमवार शाम 6:30 बजे बाधित हुई आपूर्ति रात करीब 1:30 बजे बहाल हो सकी। सेमरौता उपकेंद्र पर रात में दो चरणों में चार घंटे की आपातकालीन रोस्टिंग हुई, जबकि दिनभर कई बार ट्रिपिंग होती रही। मुसाफिरखाना पावर हाउस से भी रात और दिन मिलाकर आठ घंटे से अधिक बिजली कटौती की गई।
शुकुलपुर उपकेंद्र से चार चरणों में करीब छह घंटे, मऊ और करपिया उपकेंद्र से तीन घंटे तथा पनियार पावर हाउस से छह घंटे से अधिक बिजली बाधित रही। जायस उपकेंद्र के सलोन फीडर पर रातभर आपूर्ति ठप रहने से करीब 10 हजार की आबादी प्रभावित हुई। सुबह पेयजल संकट भी गहरा गया। खरौली, बघेल, बेहटा, भुलामऊ और मवई आलमपुर समेत कई गांवों में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
बाजारशुकुल उपकेंद्र से सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक नियमित कटौती के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, विकास खंड कार्यालय, बाल विकास परियोजना कार्यालय और बैंकों का कामकाज प्रभावित रहा। संग्रामपुर क्षेत्र में पीठीपुर पावर हाउस से जुड़े करीब 150 गांवों में सोमवार रात दो चरणों में चार घंटे से अधिक बिजली गुल रही। उपभोक्ताओं ने नियमित आपूर्ति बहाल करने की मांग की।
बिजली विभाग के अनुसार गौरीगंज से आने वाली 33 केवी मुख्य लाइन में खराबी, टाउन-तीन फीडर पर एबीसी केबल टूटने, रखरखाव कार्य, कोरारी फीडर की वीसीबी खराब होने, पैनल मरम्मत और रामसाय गांव में ट्रांसफार्मर में आग लगने से आपूर्ति प्रभावित हुई। विभाग की टीमों ने पूरे दिन मरम्मत कार्य कर चरणबद्ध तरीके से बिजली बहाल की।