अमेठी सिटी। जिले में रविवार को एक पेड़ मां के नाम महाअभियान जनभागीदारी का उत्सव बन गया। तिलोई तहसील के मोहिया केसरिया गांव से अभियान का शुभारंभ हुआ। इसके बाद गांव से लेकर शहर तक ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, सरकारी व अर्धसरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थलों, सड़क किनारे और अन्य चिह्नित स्थानों पर एक साथ पौधरोपण किया गया। जिले में एक ही दिन में 53 लाख 66 हजार 100 पौधे रोपे गए। पौधे रोपित करने के बाद उनकी देखभाल का संकल्प लिया गया।
मुख्य कार्यक्रम में नोडल अधिकारी एवं महानिदेशक आयुष बी चैत्रा तथा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने पौधरोपण किया। इसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने उत्साह के साथ भागीदारी निभाई। गौरीगंज स्थित पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
जिले के सभी थाना परिसरों में भी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधे लगाए। अभियान के दौरान पौधरोपण के साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प दिलाया गया। डीएम संजय चौहान ने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर वृक्ष बनें।
कटान रुके, तभी सफल होगा अभियान
राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि पौधरोपण अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने से नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा और पेड़ों की कटान रोकने से तय होगी। उन्होंने किसानों से खेतों की मेड़ों पर पौधे लगाने तथा युवाओं, महिलाओं और विद्यार्थियों से अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की।
हर घंटे की गई ऑनलाइन निगरानी
महाअभियान की निगरानी के लिए वन विभाग का कंट्रोल रूम पूरे दिन सक्रिय रहा। सभी विकासखंडों और संबंधित विभागों से हर घंटे पौधरोपण की प्रगति रिपोर्ट ली गई। जियो टैगिंग के साथ अपलोड की गई तस्वीरों के आधार पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग की गई और अधिकारियों ने लगातार समीक्षा की।
पौधे के साथ सेल्फी, ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी
अभियान में शामिल लोगों ने पौधों के साथ सेल्फी लेकर निर्धारित पोर्टल पर अपलोड की। जियो टैगिंग के बाद प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी किए गए। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पौधरोपण और पौधों के संरक्षण से जोड़ना रहा।