जगदीशपुर (अमेठी)। सीएचसी जगदीशपुर में अब कैंसर के रोगियों को भी इलाज मिल सकेगा। केजीएमयू लखनऊ से आई जपाईगो की चिकित्सीय टीम ने सीएचसी के चिकित्सकों सहित पूरे स्टाफ को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया।
जॉन्स हापकिंस विश्वविद्यालय से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य के लिए एक गैर लाभकारी संगठन जापाईगो स्त्री और प्रसूति रोगों के विषय में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के लिए जॉन्स हॉपकिंस प्रोग्राम चलाती है, जापाईगो की कंसलटेंट शिवानी खेतान ने बताया कि सीएचसी जगदीशपुर प्रदेश का पहला ऐसा ग्रामीण क्षेत्र का अस्पताल होगा जहां कैंसर के इलाज के साथ डीएनए व एचपीवी की जांच के कार्यक्रम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जाएगा। प्रशिक्षण शिविर में जापाईगो की टीम ने चिकित्सकों व स्टाफ को महिलाओं में स्तन, फेफड़े, मुंह, गर्भाशय ग्रीवा, जीभ और ब्रेस्ट कैंसर व उसके जोखिम, लक्षण, कारण और बचाव के तरीके को बताते हुए प्रशिक्षित किया।
ब्रेस्ट कैंसर के कारण
शिवानी खेतान ने बताया कि स्तन में कुछ कोशिकाओं के असामान्य रूप से बढ़ने के कारण ब्रेस्ट कैंसर होता है। यह कैंसर कोशिकाएं स्वस्थ कोशिकाओं की तुलना में अधिक तेजी से विकसित होती हैं और जमा होने लगती हैं। इसके कारण गांठ बन जाती है। यह कोशिकाएं स्तन के माध्यम से लिम्फ नोड्स या शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकती हैं। बताया कि स्तन में गांठ को आसानी से महसूस किया जा सकता है। इस बारे में सभी लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
एचपीवी से होने वाला खतरा
कंसलटेंट शिवानी खेतान ने बताया कि एचपीवी यानी ह्यूमन पेपिलोमा वायरस एक बेहद खतरनाक, आम और सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस है। अधिकतर मामलों में वायरस से होने वाली बीमारी के लक्षण भी पता नहीं चलते। इसके कारण न तो प्रभावित व्यक्ति को बीमारी का पता चलता है और न यह पता चलता है कि उनसे यह बीमारी उनके पार्टनर को भी हो रही है। एचपीवी वायरस कैसे फैलता है और इससे कैसे बचा जा सकता है। ये जानना बेहद जरूरी है।
प्रशिक्षण शिविर में यह रहे मौजूद
एडवाइजर मैटरनल हेल्थ डॉ. सुनीता, कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल लखनऊ से आईं डॉ. सुबूही कुरैशी, सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर जपाईगो डॉ. मेद्याशीष शर्मा, सीएचसी जगदीशपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप तिवारी व ममता उपाध्याय आदि मौजूद रहे।