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चेारी से एचटी लाइन की शिफ्टिंग में तीन पर केस

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गौरीगंज (अमेठी)। पावर कारपोरेशन में तैनात दो संविदा कर्मियों ने हाईटेंशन लाइन की चुपके से शिफ्टिंग कर दी। मामला सामने आने के बाद अवर अभियंता ने दोनों संविदा कर्मियों व भवन स्वामी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। अमेठी थाने में केस दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
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बेनीपुर विद्युत उपकेंद्र से बारामासी फीडर का संचालन होता है। इस उपकेंद्र की एक हाईटेंशन लाइन उसरहिया मजरे जंगलराम नगर निवासी जगदीश प्रसाद यादव की गांव में मौजूद जमीन के ऊपर से गुजरती है। वह अपनी जमीन पर भवन का निर्माण करा रहे हैं। भवन का निर्माण करा रहे जगदीश प्रसाद ने दूसरे बिजली घरों में तैनात संविदा लाइनमैन से साठगांठ कर लाइन को विस्थापित करने की रणनीति बनाई। 19 अगस्त को पूरे स्वयंबर जंगल रामनगर निवासी राकेश कुमार मूल तैनाती खेरौना व अमृती जंगलराम नगर निवासी जयसिंह मूल तैनाती रामघाट ने विभागीय उच्चाधिकारियों की मिली भगत से हाईटेंशन लाइन को विस्थापित किया।
मामले की जानकारी बेनीपुर उपकेंद्र के जेई शिवकुमार यादव को हुई। तो उन्होंने लाइन विस्थापित करने के मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। जेई ने दूसरे बिजली घरों में तैनात दोनों संविदा लाइन मैन व भवन निर्माण कराने वाले के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर केस दर्ज कराया। तहरीर में कहा है कि बिना विभागीय अनुमति के हाईटेंशन लाइन को विस्थापित किया गया है। इससे राजस्व की हानि हुई है। लाइन विस्थापन में पीसीसी पोल, आर्य इंसुलेटर व तार आदि अवैध विद्युत सामग्री का प्रयोग कर हाई टेंशन लाइन से छेड़छाड़ की गई है।
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आखिर कैसे मिल गया शटडाउन
एचटी लाइन शिफ्टिंग के आरोपित संविदा कर्मी दूसरे पावर हाउस में तैनात हैं। ऐसे में उन्हें एचटी लाइन पर कैसे शट डाउन मिल गया यह बड़ा सवाल है। बात कुछ भी हो लेकिन उच्चाधिकारियों की मिली भगत के बगैर दो पोल उखाड़कर दूसरे स्थान पर शिफ्ट करना संभव नहीं है।
नहीं हो रही विभागीय जांच
विद्युत वितरण खंड द्वितीय अमेठी के अधिशाषी अभियंता रोहित सिंह ने बताया कि लाइन शिफ्टिंग करने वाले लोगों पर केस दर्ज कराया गया है लेकिन इसकी कोई विभागीय जांच नहीं की जा रही है।
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