अमेठी सिटी। गौरीगंज के मऊ गांव में सांड़ के हमले में एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। पशुपालन, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों की मदद से सांड़ को पकड़ कर अलीपुर पशु आश्रय केंद्र में संरक्षित किया है।
जगदीशपुर-प्रतापगढ़ मार्ग पर मऊ गांव के पास बृहस्पतिवार से सांड ने उत्पात मचाया। सांड ने मार्ग से गुजर रहे राहगीरों को दौड़ाया, जिससे लोग गिरकर घायल हो गए। इनमें राम बहादुर पासी (60) सांड़ के हमले में गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर उन्हें रायबरेली के एम्स अस्पताल ले जाया गया, तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। लोगों की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इसके अलावा गौरीगंज के रामदत्त का पुरवा मजरे अफोइया गांव निवासी गीता की चार वर्षीय पुत्री हिमांशी घायल हो गई, जबकि राहगीरों ने गीता व उनके बेटे हिमांशु को बचा लिया। हमले में कई अन्य लोग भी चोटिल हुए हैं। विधायक के गांव में सांड़ के हिंसक होने की जानकारी के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। आननफानन वन कर्मी, पशुपालन व ब्लॉक कर्मी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू शुरू किया।
बृहस्पतिवार को सांड़ को काबू करने में सफलता नहीं मिली। शुक्रवार सुबह से सांड़ को पकड़ने की कोशिश शुरू हुई, जिसके बाद सांड़ को इंजेक्शन लगाया गया है। उसके बेहोश होने पर पकड़ा गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सोम प्रकाश तिवारी ने बताया कि सांड़ को पकड़ कर सुरक्षित अलीपुर गोशाला पहुंचा दिया गया है, जहां उसे संरक्षित किया गया है।