अमेठी सिटी। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन इंटर कॉलेजों में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति अब ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस व्यवस्था से शिक्षण कार्य में पारदर्शिता आएगी और मनमानी पर अंकुश लगेगा।
जिले में कुल 37 राजकीय, 25 सहायता प्राप्त और 180 वित्तविहीन इंटर कॉलेज संचालित हैं, जिनमें कक्षा नौ से 12 तक हजारों विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इसके बावजूद कई विद्यालयों में नियमित कक्षाएं न चलने और केवल नामांकन तक सीमित रहने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन हालात को देखते हुए विभाग ने नई व्यवस्था लागू कर दी है, जिससे हर दिन की उपस्थिति दर्ज होने के साथ उसकी निगरानी भी सुनिश्चित होगी।
उपस्थिति दर्ज करने के लिए यूपीएमएसपी पोर्टल और मोबाइल एप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विद्यालयों को अपनी लॉगिन आईडी के माध्यम से प्रतिदिन उपस्थिति अपलोड करनी होगी। इसके साथ ही शैक्षिक पंचांग के अनुसार पढ़ाई का रोस्टर भी पोर्टल पर अपलोड रहेगा, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस दिन कौन-सा विषय पढ़ाया जा रहा है। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सचिव कार्यालय और कंट्रोल रूम से की जाएगी।
सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणामों में कमजोर प्रदर्शन पर परिषद ने नाराजगी जताते हुए जिला स्तर पर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
डीआईओएस राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि सभी विद्यालयों को शत-प्रतिशत उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई विद्यालय उपस्थिति डेटा अपडेट नहीं करता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था से उम्मीद जताई जा रही है कि विद्यालयों में नियमित पढ़ाई सुनिश्चित होगी और विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार आएगा।