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ठहरिए! जरा संभलकर खरीदिए सरसो का तेल

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भादर (अमेठी)। यदि आप बाजार में सरसों का तेल खरीदने जा रहे हैं तो जरा संभल के। इन दिनों शहर तो दूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी मिलावटी तेल की भरमार है। प्रतिष्ठित दुकानों पर नामी-गिरामी कंपनियों के लेबल वाले नकली तेल उपलब्ध हैं। इस धंधे से जुड़े व्यवसायी तेल में मिलावट करके हर महीने लाखों का वारा न्यारा कर रहे हैं। इसकी खबर न तो उपभोक्ताओं को है और न ही प्रशासन को।
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क्षेत्र के रामगंज, दुर्गापुर, ढेमा आदि बाजारों में मिलावटी खाद्य तेलों की भरमार है। इन बाजारों के अलावा आसपास ग्रामीण अंचल की दुकानों पर भी विभिन्न कंपनियों के मिलावटी या नकली तेल से भरे डिब्बे दुकानों की शोभा बढ़ा रहे हैं। इस धंधे से जुड़े मिलावटखोर तेल में महक के लिए केमिकल व सेंट का प्रयोग करते हैं। तेल के अधिक झाग व महक के झांसे में लोग मिलावटी तेल को असली तेल मानकर खरीद रहे हैं।
मिलावटी तेलों को गर्म कड़ाही में डालने से फेना निकलता है और शरीर में लगाने से चिपचिपाहट होने लगती है। इस तेल में दुर्गंध होती है। सूत्रों के अनुसार कानपुर से मिलावटी तेल टैंकर से मंगाया जाता है और विभिन्न ब्रांड के लेबल के डिब्बों में लगाकर चलताऊ पैकिंग कर के अधिक झागदार बनाकर बेचते हैं। तेल के इस खेल में व्यापारी जहां लाखों की कर चोरी करके मालामाल हो रहे हैं, वही आम आदमी इसका सेवन करने से बीमार हो रहे हैं।
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इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में दिख रही है। कई व्यवसायी मिलावटी व नकली तेल को खुलेआम बेच रहे हैं। उन्हें न तो जांच का डर है और न किसी के बीमार होने से मतलब। ज्यादातर उपभोक्ता भी अनजाने में अपंजीकृत कंपनियों के मिलावटी तेलों का प्रयोग कर रहे हैं। उन्हें तेल में बड़े पैमाने पर चल रही मिलावट की खबर ही नहीं है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के प्रभारी अभिहित अधिकारी निर्भय नारायण सिन्हा ने बताया कि मिलावटखोरी रोकने के लिए अभियान चलाया जाता है। जहां शिकायत मिलती है, वहां छापा मारा जाता है। जल्द ही भादर क्षेत्र में अभियान चलाकर मिलावटखोरों पर कार्रवाई की जाएगी।
सरसों के तेल में पामोलिन तेल मिलाकर बाजारों में बेचा जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक पामोलिन का तेल काफी सस्ता होता है। दुकानदार एक टिन शुद्ध सरसों के तेल में दो टिन पामोलिन तेल मिलाते हैं। तेल को अधिक पीला दिखाने के लिए उसमें पीला रंग मिलाया जाता है। तेज महक के लिए लाल मिर्च का पाउडर, कच्ची प्याज, चाय पत्ती आदि का मिश्रण किया जाता है। इससे उसकी गुणवत्ता में कमी आ जाती है
मिलावटी तेल के सेवन से शरीर में तमाम बीमारियां पैदा होती हैं। पाचन क्षमता कमजोर हो जाती है, पेट में दर्द होता है। किडनी खराब हो जाती है। शरीर में मोटापा बढ़ जाता है। लगातार गैस बनती है और पेट साफ नहीं रहता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर के अधीक्षक डॉ. अजय मिश्र कहते हैं कि मिलावटी तेल शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाता है। ज्यादातर बीमारी पेट से संबंधित होती है। अधिक सेवन करने से लोगों में मोटापा व हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है।
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