अमेठी सिटी। जिले में कार्यक्रम स्थल और तिथि निर्धारित होने के बाद दूसरी बार सामूहिक विवाह कार्यक्रम टल गया है। सामान आपूर्ति व सूची सत्यापन कार्यक्रम का बाधक बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले को 308 जोड़ों का लक्ष्य मिला है। हालांकि सामान आपूर्ति के लिए अब दूसरी एजेंसी को नामित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। वहीं कार्यक्रम की तिथि फरवरी में होने की उम्मीद है।
गरीब परिवार की पुत्रियों का विवाह कराने के लिए 2018 से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित है। योजना के तहत मिले लक्ष्य के सापेक्ष सभी 13 ब्लॉकों से करीब 900 से अधिक आवेदन मिले थे। ब्लॉक स्तरीय सत्यापन के बाद 400 से अधिक आवेदनों की सूची जिले को उपलब्ध कराई गई। सूची मिलने के बाद विवाह कार्यक्रम के लिए चार दिसंबर तिथि घोषित की गई। ब्लॉकों से मिली सूची की जांच के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित की गई।
जोड़ों को उपहार (सामान) देने के लिए एजेंसी व फर्म को नामित किया गया। लेकिन वह निर्धारित तिथि पर सामान उपलब्ध नहीं करा सकी तो वहीं सूची का भी सत्यापन नहीं पाया था। विभाग की ओर से घोषित तिथि स्थगित करते हुए सामूहिक विवाह के लिए जिला मुख्यालय स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर कार्यक्रम स्थल चिह्नित करते हुए 17 नवंबर की तिथि घोषित की गई।
हालांकि जिला समाज कल्याण अधिकारी नलिन राज अवकाश पर चल रहे हैं। सामान आपूर्ति संग अन्य कारणों से फिर सामूहिक विवाह कार्यक्रम टल गया। अब जरूरतमंदों को तिथि घोषित होने तक इंतजार करना पड़ेगा। विभाग की मानें तो फरवरी में सामूहिक विवाह होने की उम्मीद है।
सीडीओ सचिन कुमार सिंह ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम फरवरी में कराए जाने की उम्मीद है। बताया कि सामान आपूर्ति के लिए दूसरी एजेंसी नामित कराई जाएगी। कहा कि सूची का सत्यापन पूरी पारदर्शिता के साथ कराने का निर्देश दिया गया है।