अमेठी सिटी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दूसरी फर्म को नामित कर फरवरी में कार्यक्रम कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है, लेकिन फर्जी अभिलेख लगाकर टेंडर लेने के मामले में विवादित फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया लटकी हुई है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आयोजन व उपहार देने वाली नामित फर्म के फर्जी अभिलेख लगाकर टेंडर लेने का मामला प्रकाश में आने के बाद समाज कल्याण विभाग चर्चा में बना हुआ है। फर्म संचालक से मिलकर तथ्यों को छिपाने, कार्यक्रम में लापरवाही व अनियमितता बरतने के मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी नलिन राज को 19 जनवरी को निलंबित कर निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया।
इसके पहले ही प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी ने विवादित फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के लिए जीएसटी विभाग को पत्र भेजा है, लेकिन दो जिलों अमेठी व रायबरेली के जीएसटी अफसर होने से जांच शिथिल चल रही है। रायबरेली जीएसटी कमिश्नर ने बताया कि पत्र मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं समाज कल्याण विभाग का प्रभार उपायुक्त मनरेगा शेर बहादुर को दे दिया गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम को जल्द कराए जाने को लेकर जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। अब प्रशासन की ओर से नई फर्म का चयन कराया जाएगा। उम्मीद है कि फरवरी में सामूहिक विवाह कार्यक्रम होगा।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि नई फर्म का चयन कराया जाएगा। कहा कि जिला समाज कल्याण अधिकारी की तैनाती के लिए पत्र भेजा गया है। बताया कि जल्द ही सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।