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Amethi News: डायलिसिस के लिए बढ़ाई जाएगी मशीन, मरीजों को मिलेगी राहत

Fri, 27 Sep 2024 06:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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 जिला अस्पताल स्थित डायलिसिस कक्ष में भर्ती मरीज।
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अमेठी सिटी। डायलिसिस कराने वालों के लिए अच्छी खबर है। जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट को और बेहतर किया जा रहा है। खराब चल रही एक मशीन को दुरुस्त कराने के साथ ही एक नई डायलिसिस मशीन मंगाई गई है। जल्द ही मशीन आने वाली है, जिससे वेटिंग पर चल रहे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
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गौरीगंज स्थित जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट में कुल छह मशीनें है, जिसमें से पांच निगेटिव मरीजों के लिए हैं। जबकि एक मशीन से वायरस पाॅजिटिव मरीजों को डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। मशीनों के संचालन व डायलिसिस के लिए पूरा स्टाफ है। यहां के प्रभारी के अलावा चार टेक्नीशियन व एक स्टाफ नर्स है। यहां पांच दिन पूर्व डायलिसिस की एक मशीन में खराबी आ गई थी, जिसके बाद मरीजों को परेशानी हुई थी। पांच से अधिक मरीज वेटिंग पर आ गए थे।

कई मरीजों को डायलिसिस के लिए दूसरी जगहों पर भी जाना पड़ा। हालांकि मरीजों की परेशानी देखते हुए स्वास्थ्य महकमे ने खराब मशीन दुरुस्त कराने की कोशिश की। कंपनी को शिकायत करने के बाद खराब डायलिसिस मशीन को बृहस्पतिवार को ठीक करा दिया गया। साथ ही एक नई मशीन लाने की तैयारी है। स्वास्थ्य महकमे का दावा है कि जल्द नई मशीन आने से लोगों को राहत मिलेगी।
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डायलिसिस प्रभारी अंकित शुक्ल ने बताया कि डायलिसिस के लिए मरीजों को पहले से ही डेट दी जाती है। ऐसे में किसी मशीन में खराबी आने के बाद मरीजों की वेटिंग हो जाती है। बताया कि एक नई डायलिसिस मशीन की उपलब्धता के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। नई मशीन आने के बाद मरीजों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बैकअप के लिए मशीन उपलब्ध रहेगी। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि बैकअप के लिए नई डायलिसिस मशीन मंगाई जा रही है। अगले सप्ताह तक मशीन आ जाएगी।




प्रति माह हो रही 480 मरीजों की डायलिसिस
प्रभारी अंकित शुक्ल ने बताया कि अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन सभी छह मशीनों पर करीब 18 मरीजों की डायलिसिस होती है। औसतन प्रति माह करीब 480 से अधिक मरीजों की डायलिसिस होती है। उन्होंने कहा कि जितनी मशीनें हैं, उसी के अनुसार मरीजों को डेट दी जाती है। जिले में कई सेंटर हैं, सिर्फ बैकअप के लिए नई मशीन मंगाई जा रही है। जिससे मरीजों की वेटिंग न रहे।
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