मुसाफिरखाना तहसील में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत संगठन
- फोटो : शहर के जीजीआईसी में तैयार बालिका छात्रावास का भवन।
मुसाफिरखाना। एसडीएम अभिनव कनौजिया की कार्यशैली से नाराज अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार सोमवार को भी जारी रहा। तहसील न्यायालयों में कामकाज ठप रहने से वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अदालत पहुंचने पर उन्हें बिना सुनवाई अगली तारीख लेकर लौटना पड़ रहा है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं का कहना है कि एसडीएम की कार्यशैली के कारण न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है। एसडीएम की अदालत में 25, एसडीएम न्यायिक की अदालत में 60, तहसीलदार की अदालत में 37, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना की अदालत में 25 और नायब तहसीलदार जगदीशपुर की अदालत में 30 मुकदमे सूचीबद्ध थे, लेकिन कार्य बहिष्कार के चलते किसी मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।
इससे दूरदराज क्षेत्रों से आए वादकारियों को निराश होकर लौटना पड़ा। बताया गया कि 30 दिसंबर से न्यायालयों का नियमित संचालन नहीं हो पा रहा है। लंबे समय से कार्य बाधित रहने से वादकारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में आगे की रणनीति तय करने के लिए मंगलवार को अधिवक्ताओं की बैठक बुलाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि एडीएम ने समस्या के समाधान के लिए बातचीत का प्रस्ताव रखा है। इस मौके पर सचिव राजीव कुमार तिवारी, सतीश सिंह, गणेश शंकर, अश्विनी श्रीवास्तव, राजन सिंह, संजय शुक्ला आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।