शिक्षक परिवार हत्याकांड के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने दीपक को हिरासत में लिया था। हिरासत से छूटे दीपक ने बताया कि मैं आरती कर रहा था। चंदन बोला था, कि दर्शन करके जा रहे हैं। उसके बाद घटना हो गई। दीपक ने कहा कि इससे ज्यादा हम कुछ नहीं बता पाएंगे। हालांकि उसने यह जरूर बताया कि पुलिस ने पूछताछ के लिए कई लोगों को बुलाया था। उन सभी को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
चंदन की हरकतों व धमकियों से परेशान शिक्षक सुनील कुमार बहुत ही गोपनीय ढंग से अहोरवा भवानी में रहने आया था। चंदन को यहां का पता मालूम नहीं था। जब चंदन को जानकारी हुई तो उसने अहोरवा भवानी के कुछ लोगों से संपर्क किया। सूत्र बताते हैं कि घर तक पहुंचने के लिए चंदन पहले शिक्षक के स्कूल पन्हौना का रुख किया। पुलिस सूत्र बताते हैं कि चंदन ने शिक्षक का स्कूल से पीछा करते हुए घर तक रेकी। घर पता चलने के बाद वह कई बार यहां आया, गया। जब पूरी तरह से रेकी कर ली, तब वारदात अंजाम दी।
आरोपी चंदन वर्मा व मृतक शिक्षक की पत्नी व बच्चे।
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शिक्षक सुनील की पत्नी पूनम द्वारा चंदन पर रायबरेली में दर्ज कराए गए छेड़खानी व एससीएसटी एक्ट के मामले को लेकर चंदन बेचैन था। वह इस मामले में सुलह की भीख मांग रहा था। कई लोगों से उसने सुलह कराने की गुहार लगाई थी। पहले से उसने रायबरेली में कुछ लोगों से सुलह कराने की मनुहार की, लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली। उसके बाद जब शिक्षक परिवार शिवरतनगंज क्षेत्र के अहोरवा भवानी में रहने लगा, तो वह यहां के लोगों से संपर्क कर सुलह कराने की कोशिश में जुट गया। हत्याकांड के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए दीपक से भी उसने सुलह कराने को कहा था।
सूत्रों के मुताबिक चंदन ने एक रिश्तेदार के जरिए दीपक से बात की थी और कहा था कि वह पन्हौना के ग्राम प्रधान को बीच में डाल कर शिक्षक से मिलकर सुलह करा दे, लेकिन मामला पेचीदा होने के कारण किसी ने हाथ नहीं डाला। जिसके बाद से चंदन शिक्षक परिवार को धमकाने लगा था। चंदन ने शिक्षक के अलावा उसके परिवार व ससुराल वालों को भी धमकियां दी थीं। उसके बाद उसने इतनी बड़ी वारदात अंजाम दे डाली।