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अमेठी हत्याकांड: चंदन ने बाइक खड़ी की, हाथ मिलाया, बोला दर्शन कर आते हैं, दस मिनट के बाद आई ऐसी आवाज

Mon, 07 Oct 2024 08:14 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, अमेठी

सार

Amethi murder case: अमेठी हत्याकांड की कड़ियां अब एक-एक करके खुलने लगी है। चंदन ने उस शाम कैसे उस वारदात को अंजाम दिया इसका सच अब सामने आ गया है। 
 
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अमेठी हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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चार लोगों के कातिल चंदन वर्मा ने इतने शातिराना अंदाज में वारदात अंजाम दी, कि अपनी चाल-चरित्र की किसी को भनक तक नहीं लगने दी। वह अहोरवा भवानी कस्बे में दूर के रिश्तेदार केतार के यहां घटना के दिन पहुंचा। बाइक खड़ी की, उनके बेटे दीपक को फोन लगाकर बुलाया। फिर दीपक से हांथ मिलाया, बोला दर्शन करने जा रहे हैं, अभी आते हैं। इसके बाद दीपक घर के सामने मां दुर्गा की मूर्ति को आरती करने चला गया।
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 इस बीच वारदात अंजाम देकर चंदन बाइक उठाकर कब भाग निकला, किसी को पता तक नहीं चला। जब गोलियों की तड़तड़ाहट के कुछ देर बाद लोगों को घटना की खबर हुई, तब सब हैरान रह गए। केतार बताते हैं कि चंदन दूर का रिश्तेदार जरूर हैं, लेकिन आना जाना नहीं था। उस दिन चंदन यह कहकर बाइक खड़ी कर गया था, कि वह मंदिर पर दर्शन के लिए जा रहा है। 

उसके बाद वह घटना करके कब बाइक उठा ले गया, पता नहीं चला। 15 मिनट बाद जब बमचक हुई तब पता चला कि कोई घटना हो गई है। जाकर पता लगाया तो चार लोगों की हत्या हो चुकी थी। तब अंदाजा भी नहीं था, कि घटना चंदन ने ही अंजाम दी है। इसके बाद पुलिस आई। पुलिस ने पूछताछ की और बेटे दीपक को ले गई, लेकिन हमारे परिवार ने सबकुछ सच-सच बता दिया। 
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पुलिस ने पूछताछ के बाद बेटे को सकुशल छोड़ दिया। बोले, हम डर गए थे, कि अब बेटा इस केस में बेगुनाह फंस जाएगा, लेकिन पुलिस ने इंसाफ किया। मेरे बेटे को सही सलामत छोड़ दिया। बोले, अब इन सब बातों से क्या फायदा, हमारा परिवार फंसने से बच गया। हम आगे कुछ कहना नहीं चाहते।


 

पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया

चंदन वर्मा। - फोटो : amar ujala
शिक्षक परिवार हत्याकांड के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने दीपक को हिरासत में लिया था। हिरासत से छूटे दीपक ने बताया कि मैं आरती कर रहा था। चंदन बोला था, कि दर्शन करके जा रहे हैं। उसके बाद घटना हो गई। दीपक ने कहा कि इससे ज्यादा हम कुछ नहीं बता पाएंगे। हालांकि उसने यह जरूर बताया कि पुलिस ने पूछताछ के लिए कई लोगों को बुलाया था। उन सभी को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।








 

घर ढूंढने के लिए चंदन ने स्कूल से सुनील पीछा कर की थी रेकी

आरोपी चंदन - फोटो : अमर उजाला
चंदन की हरकतों व धमकियों से परेशान शिक्षक सुनील कुमार बहुत ही गोपनीय ढंग से अहोरवा भवानी में रहने आया था। चंदन को यहां का पता मालूम नहीं था। जब चंदन को जानकारी हुई तो उसने अहोरवा भवानी के कुछ लोगों से संपर्क किया। सूत्र बताते हैं कि घर तक पहुंचने के लिए चंदन पहले शिक्षक के स्कूल पन्हौना का रुख किया। पुलिस सूत्र बताते हैं कि चंदन ने शिक्षक का स्कूल से पीछा करते हुए घर तक रेकी। घर पता चलने के बाद वह कई बार यहां आया, गया। जब पूरी तरह से रेकी कर ली, तब वारदात अंजाम दी।


 
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छेड़खानी के मामले को लेकर बेचैन था चंदन

आरोपी चंदन वर्मा व मृतक शिक्षक की पत्नी व बच्चे। - फोटो : amar ujala
शिक्षक सुनील की पत्नी पूनम द्वारा चंदन पर रायबरेली में दर्ज कराए गए छेड़खानी व एससीएसटी एक्ट के मामले को लेकर चंदन बेचैन था। वह इस मामले में सुलह की भीख मांग रहा था। कई लोगों से उसने सुलह कराने की गुहार लगाई थी। पहले से उसने रायबरेली में कुछ लोगों से सुलह कराने की मनुहार की, लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली। उसके बाद जब शिक्षक परिवार शिवरतनगंज क्षेत्र के अहोरवा भवानी में रहने लगा, तो वह यहां के लोगों से संपर्क कर सुलह कराने की कोशिश में जुट गया। हत्याकांड के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए दीपक से भी उसने सुलह कराने को कहा था।

सूत्रों के मुताबिक चंदन ने एक रिश्तेदार के जरिए दीपक से बात की थी और कहा था कि वह पन्हौना के ग्राम प्रधान को बीच में डाल कर शिक्षक से मिलकर सुलह करा दे, लेकिन मामला पेचीदा होने के कारण किसी ने हाथ नहीं डाला। जिसके बाद से चंदन शिक्षक परिवार को धमकाने लगा था। चंदन ने शिक्षक के अलावा उसके परिवार व ससुराल वालों को भी धमकियां दी थीं। उसके बाद उसने इतनी बड़ी वारदात अंजाम दे डाली।
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