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Amethi News: जायसी की जन्मस्थली बनेगी साहित्य व पर्यटन का केंद्र

Wed, 02 Sep 2026 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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जायस में मलिक मोहम्मद जायसी जन्मस्थली पर निर्माणाधीन पार्क। स्रोत: सूचना विभाग
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अमेठी सिटी। सूफी संत और महान कवि मलिक मोहम्मद जायसी की जन्मस्थली को साहित्य और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मलिक मोहम्मद जायसी स्मारक एवं पार्क को सूफी-कबीर सर्किट से जोड़ते हुए 10.36 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है। परियोजना के लिए अब तक 9.15 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
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परियोजना के तहत मौजूदा शोध संस्थान को आधुनिक लाइब्रेरी में बदला जा रहा है। यहां जायसी के जीवन और साहित्य से जुड़ी सामग्री उपलब्ध होगी। करीब 120 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम तैयार किया जा रहा है। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार और लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए जा सकेंगे। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों, साहित्य प्रेमियों और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी।

जिलाधिकारी संजय सिंह ने बताया कि स्मारक और पार्क में विकास कार्य चल रहे हैं। काम की नियमित निगरानी की जा रही है। निर्धारित कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। परियोजना का काम अक्तूबर तक पूरा कराने का लक्ष्य है।
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अमृत उद्यान की तर्ज पर विकसित होगा पार्क

जायसी पार्क को अमृत उद्यान की तर्ज पर आकर्षक और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। परिसर में दो सामुदायिक पार्क, ओपन जिम, वॉकिंग और मेडिटेशन जोन, एक्यूप्रेशर शैली का कंकड़ मार्ग, पार्किंग, बड़ा प्रवेश द्वार और बच्चों के लिए प्ले एरिया तैयार किया जा रहा है।


दीवारों पर दिखेगा जायसी का जीवन
स्मारक का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से किया गया है। इसकी दीवारों पर मलिक मोहम्मद जायसी के जीवन, साहित्य और प्रमुख रचनाओं से जुड़े चित्र बनाए जा रहे हैं। इससे यहां आने वाले लोगों को जायसी और उनके साहित्य के बारे में आसानी से जानकारी मिल सकेगी।

जायसी स्मारक का स्वरूप होगा बेहतर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मलिक मोहम्मद जायसी की साहित्यिक विरासत को सहेजने के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। परियोजना से जायसी स्मारक को बेहतर स्वरूप मिलेगा और सूफी-कबीर सर्किट को भी मजबूती मिलेगी। उनकी 16वीं शताब्दी की रचना पद्मावत भारतीय साहित्य की महत्वपूर्ण कृतियों में शामिल है।
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