अमेठी। यूपी बोर्ड परीक्षा 22 फरवरी से शुरू हो रही है। अच्छे नंबर लाने के लिए परीक्षार्थी पूरी कोशिश कर रहे हैं। अमर उजाला ने संस्कृत विषय के विद्यार्थियों की शंका का समाधान करने के लिए राजकीय बालिका इंका की प्रधानाचार्य डॉ. फूलकली से बात की। कहा कि वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, इसके लिए परीक्षार्थी परिश्रम कर रहे हैं। जिससे मस्तिष्क पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए सर्वप्रथम अंक विभाजन के साथ समय प्रबंधन आवश्यक है। रटने के स्थान पर प्रश्नों के उत्तर लिखने के लिए समझ विकसित करें तो बेहतर होगा।
प्रश्नों के पैटर्न को अच्छी तरह से समझ लें और उत्तर लिखने हेतु भरपूर अभ्यास करें। मानसिक थकान होने पर मस्तिष्क को पुनः तरोताजा करने के लिए अध्ययन को अल्प विराम देकर कुछ समय संगीत सुनें या जो आपको पसंद हो वह करें। आवश्यक भरपूर नींद लें।
इन बातों का रखें ख्याल
- संस्कृत विषय में एक एक शब्द महत्वपूर्ण होता है।
- संस्कृत भाषा सूत्र पद्धति पर आधारित है, इसलिए सूत्रों को अच्छी तरह से याद कर लें और विच्छेद करके शब्दों के आशय समझ लें।
- लघु उत्तरीय और अतिलघु उत्तरीय प्रश्नों को हल करने का अभ्यास अनवरत करें।
- श्लोकों को याद करने के लिए उनके अर्थ को क्रम से समझ लें और गायन पद्धति अर्थात धुन के उपयोग द्वारा श्लोक आसानी से याद हो जायेंगे।
- अधिकतम सूत्र प्रत्याहारों पर आधारित होते हैं, अतः प्रत्याहार बनाने का अभ्यास करते रहें।
- श्लोकों की व्याख्या लिखने के बाद काव्य सौन्दर्यात्मक टिप्पणी एवं व्याकरणात्मक टिप्पणी अवश्य लिखें।
- अनुवाद और व्याख्या का अंतर अच्छे से समझ लें।
- लिखकर ही पढ़ें, इससे समझ का स्तर बढ़ता है और तथ्य आसानी से याद हो जाते हैं।
- सारांशिका नोट तैयार करें, जिसमें एक शब्द अथवा कुछ शब्दों द्वारा संपूर्ण वाक्य का अथवा प्रश्न का उत्तर निकलता हो, जिस पर अनवरत दृष्टि डालते रहें।
- लगातार उत्तरों को दोहराने से वे भूलते नहीं है।