अमेठी सिटी। जिले के नगर निकाय और नगर पंचायतों में हाउस व वाटर टैक्स के लिए स्व कर प्रणाली नए वित्तीय वर्ष से लागू होगी, इसकी कवायद की जा रही है। नई कर प्रणाली में मकान के क्षेत्रफल का मूल्यांकन कर हाउस व वाटर टैक्स निर्धारित किया जाएगा। खास बात यह है कि इसका मूल्यांकन मकान मालिक को ही करना होगा।
नगर निकाय आवासीय व अनआवासीय दो तरह के फॉर्म मकान मालिकों को दे रहा है। प्रत्येक वार्ड के लिए अलग-अलग टैक्स दरें निर्धारित हैं। स्व कर प्रणाली लागू हो जाने से हाउस व वाटर टैक्स में पारदर्शिता आएगी। साथ ही निकाय की आय में भी वृद्धि होगी। इसका असर छोटे व शहर के किनारों पर बसे मोहल्ले में कम मुख्य सड़कों पर बसे वीआईपी इलाके के मोहल्ले के लोगों पर अधिक पड़ेगा।
नगर निकायों में स्व कर प्रणाली लागू है। स्व कर प्रणाली के नियमों के अनुसार इसको चार श्रेणी में विभाजित किया गया है। प्रथम श्रेणी में 24 मीटर से अधिक चौड़े मार्ग पर मकान है। दूसरी में 12 से 24 मीटर मार्ग पर स्थित भवन व तीसरी श्रेणी में 9 से 12 मीटर से अधिक चौड़े मार्ग पर स्थित भवन व नौ मीटर कम का एरिया निर्धारित है। प्रत्येक श्रेणी में आरसीसी व आरबी की पक्की छत, पक्का भवन व कच्चा भवन का अलग-अलग मूल्यांकन होगा। सभी श्रेणियों में प्रत्येक भवन के लिए भी अलग-अलग दरें वार्ड अनुसार निर्धारित की गई हैं।
अगल-अलग श्रेणी व भवनों के मानक के अनुसार प्रति वर्ग मीटर की दरें 1.40 रुपये से शुरू होकर 10 पैसे तक निर्धारित की गई हैं। नगर निकाय के मुख्य मार्गों पर बसे मोहल्लों में टैक्स दर अधिक व अंदर बसने वाले मोहल्लेवासियों को कम टैक्स देना होगा। इसमें गृह कर के साथ जल कर भी लिया जाएगा। यह लागू होने के बाद निकाय की आय में वृद्धि होगी।
ईओ अभिनव यादव ने बताया कि स्व कर प्रणाली से हाउस व वाटर टैक्स में पारदर्शिता आएगी। इससे टैक्स में मिलने वाली शिकायतों में कमी आएगी। मूल्यांकन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद प्रत्येक घरों की डिटेल व टैक्स ऑनलाइन कर दिए जाएंगे। हाउस होल्डर सिर्फ एक क्लिक कर अपनी पूरी टैक्स संबंधी डिटेल जान सकेंगे।
जल निकासी के लिए भी देना होगा कर
नगर निगम की तरह अब नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्र के लोगों को जल निकासी कर भी देना होगा। नगर पंचायत व नगर पालिका क्षेत्र में नल निकासी कर को लागू किए जाने की कवायद शुरू हो गई है।