अमेठी क्षेत्र में धूप से बचने के लिए कपड़े से सर को ढक कर जाती युवतियां।-स्रोत : संवाद
अमेठी सिटी। अप्रैल में ही गर्मी रौब दिखा रही है और पारा तमतमाने लगा है। कड़ी धूप और गर्म हवाएं लोगों को बेहाल कर रही हैं। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे लोगों की मुसीबत बढ़ गई। लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। जो लोग मजबूरी में निकले वे तरह-तरह के जतन के बाद भी पसीने से तरबतर नजर आए।
गर्मी का यह आलम है कि दोपहर में पक्के मकानों की छत तपने लगी है। इससे कूलर भी ज्यादा राहत नहीं दे पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भीषण गर्मी के कारण सड़कों पर दिनभर सन्नाटा रहा और लोग अपने घरों में दुबके रहे। जो लोग बाहर दिखे वे कपड़े से चेहरा और सिर ढके मिले। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम में सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम 88 तो न्यूनतम 40 प्रतिशत रही। 4.5 किलोमीटर की रफ्तार से उत्तरी-पश्चिमी हवाएं चलीं। बताया कि आगामी 24 घंटे मौसम शुष्क बने रहने, औसत तापमान सामान्य से अधिक रहने एवं सामान्य व सामान्य से तेज गति से पश्चिमी हवा चलने की संभावना है।
सिर व शरीर को ढक कर निकलें बाहर
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि गर्मी से बचाव बहुत जरूरी है। उन्होंने लोगों को धूप और लू से बचाव के साथ-साथ पेय पदार्थों का अधिक सेवन करने की सलाह दी। कहा कि गर्मी से बचाव के लिए काला चश्मा पहनें और सिर व शरीर को पूरी तरह से ढक कर घर से निकलें। तेज धूप व लू में लोग बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
पशुओं का भी रखें विशेष ख्याल
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सोम प्रकाश तिवारी ने बताया कि गर्मी के मौसम में पशुओं का भी अपनी तरह ध्यान रखें। उन्हें सुबह शाम नहलाने के साथ दिन में चार बार स्वच्छ पानी पिलाएं। ठंडे छायादार स्थानों पर बाधें। उनकी खुराक के हिसाब से हरा चारा व पशु आहार की मात्रा प्रतिदिन की खुराक में बढ़ाएं।