अमेठी सिटी। जिले में बढ़ते तापमान के बीच लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सरकारी अस्पतालों में कुल 95 बेड रिजर्व किए गए हैं। इनमें जिला अस्पताल में 10, सभी 13 सीएचसी में पांच-पांच, ट्रॉमा सेंटर जगदीशपुर में 10 और रेफरल अस्पताल तिलोई में 10 बेड पर लू पीड़ितों का इलाज किया जाएगा।
30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी उपचार की तैयारियां पूरी की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के दिनों में अस्पतालों में चिकित्सकों की इमरजेंसी ड्यूटी लगाए जाने के साथ-साथ हीट वेव वार्ड में कूलर-पंखा के साथ आवश्यकतानुसार एसी की सुविधा भी रहेगी। इन बेडों के पास हमेशा ग्लूकोज, ओआरएस पैकेट सहित दवाओं की संख्या भी पर्याप्त मात्रा में रहेगी।
शुद्ध पानी पीना बेहद जरूरी
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सलाह दी है। उन्होंने बताया कि शरीर में पानी की मात्रा की कमी होने से लू लगने की आशंका बढ़ जाती है। इससे रोजाना करीब चार से पांच लीटर पानी पीना चाहिए और तरल पदार्थों का खूब सेवन करना चाहिए। उन्होंने दोपहर में 12 से तीन बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह भी दी है, क्योंकि तल्ख धूप में जरा सी लापरवाही पर बीमार पड़ सकते हैं। उन्होंने जिला अस्पताल आने वाले मरीज व तीमारदारों को भी भरपूर मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
लू लगने के लक्षण
- तेजी से सिरदर्द होना
- निरंतर चक्कर, कमजोरी महसूस होना
- कमजोरी के साथ मांसपेशियों में ऐंठन होना
- उल्टी होना
ऐसे करें बचाव
- ढीले, सूती कपड़े पहनें।
- खुद को ठंडा रखें।
- हल्का भोजन करें।
- हरी सब्जी का सेवन करें।
- दोपहर में घर से बाहर न निकलें।
व्यवस्था की होगी निगरानी
हीटवेव को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट है। सरकारी अस्पतालों में कुल 95 बेड आरक्षित किए गए हैं। कूलर, पंखा लगाने के निर्देश दिए गए हैं। दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। मरीजों के उपचार में कोई कमी न हो इसकी निगरानी की भी व्यवस्था बनाई गई है।
डॉ. अंशुमान सिंह, सीएमओ