जामों के रामशाहपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।-स्रोत : आयोजक
जामों (अमेठी)। भगवान भक्तों के साथ अपने प्रेम का रिश्ता निभाने के लिए अवतरित होकर मानव का कल्याण करते हैं। निस्वार्थ भक्ति से ही ईश्वर प्रसन्न होते हैं। ये बातें ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत संभई के रामशाहपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन अयोध्या धाम से आए प्रवाचक डाॅ. महीधर शुक्ल महाराज ने कहीं।
प्रवाचक ने वामनावतार की कथा विस्तार से सुनाई। कहा कि जब-जब पृथ्वी पर पाप बढ़ जाता है, तब-तब भगवान को आसुरी शक्तियों का संहार करने के लिए अवतार लेना पड़ता है। बताया कि श्रीकृष्ण विष्णु भगवान के अवतार हैं। भगवान विष्णु के 23 अवतारों में कृष्णावतार एक है। भगवान श्रीकृष्ण ने अवतरित होकर सबसे पहले मनुष्य को कर्म करने को सर्वोपरि बताया। मनुष्य को ईमानदारी से अपना जीवन सुखमय बनाने के लिए ईश्वर की भक्ति करते हुए अपना कर्म करना चाहिए। व्यक्ति को हमेशा धर्म के रास्ते पर चलकर समाज सेवा करनी चाहिए। इस दौरान यजमान प्रभावती, पीके तिवारी, लालजी तिवारी, प्रमोद कुमार, जगन्नाथ तिवारी आदि मौजूद रहे। (