गौरीगंज (अमेठी)। जिले में बुधवार को भी डेंगू पॉजिटिव पांच मरीज पाए गए। कार्ड से हुई जांच में सभी का एलाइजा जांच के लिए सीरम सैंपल एकत्र किया गया। रिपोर्ट मिलते ही अधिकारियों ने रैपिड रिस्पांस टीमों को मौके पर भेजकर निरोधात्मक कार्रवाई शुरू करा दी।
जिले में सर्दी जुकाम-बुखार पीड़ित मरीजों में से डेंगू पॉजिटिव मरीजों के मिलने का सिलसिला भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में डेंगू के कन्फर्म मरीजों की संख्या वर्तमान में 34 पहुंच गई है। संयुक्त जिला अस्पताल, सीएचसी व अन्य प्राइवेट अस्पतालों में अब तक बुखार पीड़ित मरीजों की हुई किट जांच में 122 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग इन्हें संभावित मरीज की श्रेणी में मानते हुए कन्फर्मेशन के लिए उनका सीरम सैंपल लेकर एलाइजा जांच के लिए भेजता है।
एलाइजा जांच में पुष्टि होने पर ही विभाग उन्हें कन्फर्म डेंगू पॉजिटिव मानता है। जिले से अब तक एलाइजा जांच के लिए भेजी गई 117 सैंपलों में से 34 ही पॉजिटिव पाए गए हैं। बुधवार को पांच मरीजों की कार्ड से हुई जांच में पॉजिटिव मिलने के बाद उनका भी सीरम सैंपल लिया गया है।
जिला अस्पताल में कार्ड से हुई जांच में गौरीगंज ब्लॉक क्षेत्र के दो तो सीएचसी जगदीशपुर में कार्ड से हुई जांच में तीन मरीजों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव निकली। रिपोर्ट मिलते ही अस्पताल की ओर से उसमें डेंगू की पुष्टि के लिए उनका सीरम सैंपल लेते हुए उनकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई। कन्फर्म व संभावित मरीजों की सूचना मिलते ही अफसरों ने संबंधित सीएचसी अधीक्षकों को तत्काल उन गांवों में रैपिड रिस्पांस टीम भेजने का निर्देश दिया।
गांव पहुंची टीमों ने उन मरीजों के परिवारीजनों के साथ ही पूरे गांव का सर्वे कार्य शुरू कर दिया। सर्वे के दौरान कई दिनों से बुखार पीड़ित मरीजों की मौके पर ही स्लाइड से जांच की गई जिसमें किसी भी बुखार पीड़ित मरीज में डेंगू का लक्षण नहीं पाया गया।
संचारी रोग के नोडल अफसर/ एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि जिले में मलेरिया पॉजिटिव के कन्फर्म मरीजों की संख्या शून्य है। अक्तूबर माह के शुरुआती दौर में कार्ड से हुई जांच में दो मरीज की रिपोर्ट मलेरिया पॉजिटिव मिली थी। कन्फर्मेशन के लिए जब उनकी जांच स्लाइड से कराई गई तो वे निगेटिव निकले।
सीएमओ डॉ. विमलेंदु शेखर ने बताया कि जिले के सभी ब्लॉकों पर गठित टीमें सक्रिय हैं। संभावित व कन्फर्म डेंगू मरीज मिलने के अलावा भी नियमित रूप से रोस्टर के अनुसार गांवों में एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव व साफ-सफाई कराई जा रही है।