फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amethi News: पुलिस की 20 टीमों पर भारी ड्रोन का डर

Wed, 27 Aug 2025 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
विज्ञापन
मुसाफिरखाना के रामरायपुर गांव में ग्रामीणों को जागरूक करते पुलिसकर्मी। स्त्रोत : ग्रामीण
विज्ञापन
अमेठी सिटी। मुसाफिरखाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले हुईं दो चोरियों के बाद ड्रोन कैमरे से रेकी की चर्चा ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। 11 गांवों के लोग रात में लाठी-डंडे लेकर रतजगा कर रहे हैं। उन्हें समझाने के लिए पुलिस की 20 टीमें सक्रिय हैं, लेकिन माहौल सामान्य नहीं हो रहा है। विमान की ब्लिंकर लाइट को ग्रामीण ड्रोन समझ रहे हैं।
विज्ञापन



मुसाफिरखाना के मठाभुसुंडा और रामरायपुर गांव में अगस्त के दूसरे सप्ताह में चोरियां हुई थीं। उसके बाद से ये चर्चा होने लगी कि बदमाश ड्रोन से गांवों की रेकी कर रहे हैं। इसी के चलते पलिया चंदापुर, रुदौली, नयाकोट, पिंडारा महाराज, पूरे प्रेमशाह, गुनैया, धरौली, हरदोइया, पिंडारा करनाई के अलावा सुल्तानपुर की सीमा पर बसे राममठा और गुन्नौर गांव के लोग रतजगा कर रहे हैं, ताकि चोरियों पर अंकुश लगाया जा सके।


सोशल मीडिया पर आसमान में चमकती लाइटों का वीडियो डालकर ग्रामीण इसे ड्रोन बता रहे हैं। पुलिस अफसर ये दावा कर रहे हैं कि यह महज भ्रम है। दिन में लोग पुलिस की बात मान लेते हैं, मगर रात होते ही रोशनी दिखने पर चर्चा तेज हो जाती है। इंस्पेक्टर विवेक सिंह ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव बैठकें की जा रही हैं। रात में पुलिस की 20 टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।
विज्ञापन



उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी गांव में ड्रोन उड़ने की पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीण जिस रोशनी को ड्रोन मान रहे हैं, दरअसल वह विमानों की ब्लिंकर लाइट है। अमेठी क्षेत्र लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, पटना, गुवाहाटी और फुरसतगंज एयरपोर्ट के हवाई मार्ग के बीच आता है, इसलिए रात में आसमान में विमान आसानी से दिखाई देते हैं। बताया कि चर्चा कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है और जल्द उन पर कार्रवाई होगी।



सीओ मुसाफिरखाना अतुल कुमार सिंह ने बताया कि लाल, नीली और पीली रोशनी को ड्रोन न मानें। ये विमानों की लाइट हैं। डरें नहीं। चर्चा करने वालों से सावधान रहें। किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। रात में बिना पुष्टि सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो साझा न करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें