अमेठी। तीन दिन पहले बुखार से अपने पुत्र व पुत्री की गंवाने वाला पिता भी बुखार से जूझ रहा है। शनिवार देर रात तबीयत बिगड़ने पर परिवारीजन उसे आनन-फानन सीएससी ले गए जहां से लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के परसावां गांव निवासी रामलाल कश्यप (50) की पुत्री कविता की पिछले आठ सितंबर को तो छोटे पुत्र हर्षित की 10 सितंबर को बुखार से मौत हो गई थी। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में लगातार कैंप कर जांच व दवाएं वितरित कर रही हैं।
शनिवार को अधीक्षक डॉ. सौरभ सिंह की अगुवाई में गांव पहुंची मेडिकल टीम ने रामलाल व उसके पुत्र हनुमान समेत सभी परिजनों की टाइफाइड, मलेरिया और डेंगू की जांच की। जांच में सभी नेगेटिव पाए गए थे। शनिवार रात करीब नौ बजे अचानक रामलाल की बुखार से तबीयत बिगड़ी तो परिजन आनन-फानन उन्हें रात 9:15 बजे सीएचसी ले गए।
अधीक्षक डॉ. सौरभ सिंह की देखरेख में चिकित्सकों ने रामलाल का इलाज शुरू किया लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इससे घबराए चिकित्सकों ने रात में ही उसे संयुक्त जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल में भी उपचार के बाद रामलाल की हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। एक ही परिवार में हुई दो मौत के बाद एक और की हालत गंभीर होने पर गांव में दहशत का माहौल है।
सभी ग्रामीणों की हो रही जांच
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि गांव में टीम द्वारा अब तक की गई जांच में सभी निगेटिव पाए गए हैं। बताया कि रविवार को भी टीम गांव में मौजूद रहकर टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया की स्लाइड बनाकर जांच करने में जुटी है।
रविवार को 37 लोगों की आरटीपीसीआर, 15 की मलेरिया, तीन की डेंगू व 16 का टाइफाइड जांच के लिए सैंपल लिया गया है। ग्रामीणों व परिजनों की जांच के साथ ही जुखाम बुखार के मरीजों को दवाएं वितरित कराई जा रही हैं। गांव में ब्लीचिंग पाउडर एवं लार्वीसाइड का छिड़काव भी लगातार कराया जा रहा है।