17 : गौरीगंज : जायस स्थित मंडी समिति क्रय केंद्र पर खड़ी धान से लदी किसानों की ट्रॉली। -संवाद
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गौरीगंज (अमेठी)। फसल समर्थन योजना के तहत सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने की कोशिश में जुटे किसान इन दिनों परेशान हो रहे हैं। पहले ऑनलाइन व ऑफलाइन टोकन सिस्टम, फिर हड़ताल उसके बाद मौसम परिवर्तन से खरीद प्रभावित हो रही है। क्रय केंद्रों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर धान लाद कर बारी का इंतजार कर रहे किसानों का धान भीग रहा है तो नमी बढ़ने से उनकी तौल होने पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बावजूद इसके किसान क्रय केंद्रों पर अपनी फसल बेचने व सहेजने के लिए ठंड में रात गुजार रहे हैं।
जिले में शासन की ओर से निर्धारित धान के समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीद करने के लिए छह एजेंसियों के 69 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। क्रय केंद्रों पर छह नवंबर तक 12,115 किसानों से 76422.68 मीट्रिक टन धान खरीद हुई है। ऑनलाइन व ऑफलाइन के चक्कर में कई दिनों तक क्रय केंद्र पर इंतजार करने के बाद क्रय केंद्र प्रभारियों की हड़ताल से सोमवार तक खरीद प्रभावित रही तो बुधवार से मौसम परिवर्तन व बूंदाबांदी से खरीद नहीं हो पा रही है।
प्रशासन और केंद्र प्रभारियों की लापरवाही के चलते किसानों का धान खरीद केंद्र परिसर में भीग गया तो बारिश होने के कारण कई क्रय केंद्रों पर ताला लटका हुआ है। कुछ क्रय केंद्र खुले भी लेकिन वहां पल्लेदारों के न आने से खरीद नहीं हो सकी।
ऐसे में क्रय केंद्र पर ट्रैक्टर ट्रॉली में धान लाद कर तौल कराने के लिए परेशान किसान अपनी उपज को सहेजने के साथ ही बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। ठंड व बरसात में जहां लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे, वहीं किसान रात भर क्रय केंद्रों पर मौजूद रहकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। किसानों को बरसात से धान में नमी आने व इसके नाम पर क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा तौल में आनाकानी करने का भी अंदेशा सता रहा है। किसानों की परेशानी दूर करने के बजाए जिम्मेदार मौन धारण किए हुए हैं।
शत-प्रतिशत किसानों से होगी धान खरीद
डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने कहा कि बरसात व बूंदाबांदी के कारण खरीद प्रभावित हो रही है। बताया कि सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को किसानों से त्वरित गति से खरीद करने के साथ ही नमी व फरहा के नाम पर परेशान नहीं करने का निर्देश दिया गया है। क्रय केंद्रों पर किसानों की मौजूद ट्रॉली में लदे धानों को तिरपाल से ढक कर सुरक्षित करते हुए सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। बरसात बंद होते ही क्रय केंद्र पर मौजूद किसानों से प्राथमिकता के आधार पर खरीद की जाएगी।