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बेमौसम बरसात से तबाह हो गईं किसानों की फसलें

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09 : जगदीशपुर : कठौरा सीवान में बरसात के बाद जलमग्न धान की फसल। -संवाद - फोटो : AMETHI
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गौरीगंज/जगदीशपुर (अमेठी)। रविवार से रुक-रुक कर हो रही बेमौसम बरसात मंगलवार को भी जारी रही। तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से किसानों की तैयार धान की फसल खेत में गिर कर बर्बाद हो गई है। बड़ी संख्या में किसानों की काटकर रखी फसल पानी में डूबे रहने से बर्बाद हो रही है।
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किसान कड़ी मेहनत से तैयार की गई अपनी फसल को अपनी आंखों के सामने बर्बाद होता देखने को मजबूर हैं। वहीं बरसात की वजह से चना, सरसों, मटर व आलू की अगेती बोआई कर चुके किसानों की भी मुश्किलें कम नहीं हैं। बारिश न रुकने और खेत में पानी भरने से उन्हें भी भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
सितंबर माह के बाद अक्तूबर माह में रविवार से शुरू हुई बेमौसम बरसात ने किसानों की फसलों को तबाह कर दिया। सितंबर में हुई बरसात के जमे पानी को किसानों ने किसी तरह निकालकर फसल बचाने की कोशिश की लेकिन तीन दिन पहले रविवार से शुरू बारिश ने तबाही की नई कहानी गढ़ दी। खेतों में तैयार धान की फसल तेज हवाओं व बरसात से गिर गई है।
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जलभराव होने से फसल नष्ट होने का अंदेशा बढ़ गया है। जमा पानी बार-बार निकालना किसानों के लिए परेशानी का सबब बना है। मौसम साफ नहीं होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। किसानों के अनुसार कई खेत में गिर पड़ी फसल में पानी भर भर जाने से अंकुरण शुरू हो गया है। इससे नुकसान की भरपाई होना संभव नहीं है।
गिरी धान की फसल पानी में डूबी होने से दाने काले पड़ रहे हैं। हरी फसलों में फफूंदी लगने से उत्पादन प्रभावित होगा। इतना ही नहीं आलू, मटर व सरसों की अगेती खेती करने वालों की फसल भी बरसात के बाद जमे पानी की भेट चढ़ रही है। वहीं जो किसान इन फसलों की बुआई करने की तैयारी में थे उन्हें अब लंबा इंतजार करना होगा।
फसलों की कटाई न करें किसान
जगदीशपुर। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके आनंद ने बताया कि बेमौसम हुई बरसात खेती-किसानी के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। खेत में ज्यादा नमी होने से इस समय पक कर तैयार धान की कटाई में देरी होगी। मौजूदा समय में बहुत से किसान सरसों, चना, मटर एवं मसूर की बोआई प्रारंभ कर चुके थे।
बारिश के कारण खेत में अत्यधिक नमी की वजह से अब इन फसलों की बोआई में विलंब होगा। धान की लंबी अवधि की प्रजातियां पुष्पावस्था में हैं उनमें भी बारिश से बड़ा नुकसान हुआ है। डॉ. आनंद ने बताया कि बारिश से सब्जियों की फसल भी प्रभावित हुई है। बुधवार तक बरसात होने की संभावना है।
खेत में सड़ रहीं फसलें, निकल रहा बोआई का समय
अमेठी। तेज हवा के चलते खेत में गिरी फसलें भरे पानी में सड़ रही हैं। बारिश के चलते धान के अलावा अरहर आदि की फसलें भी खराब हो रही हैं। सब्जी की खेती भी बर्बाद होने के कगार पर है। आलू, चना, मटर व सरसों आदि की बोआई का समय निकलता जा रहा है। ऐसे में अन्नदाता परेशान हैं।
परिवार के भरण-पोषण की चिंता बढ़ गई है। किसान कमला मिश्र, कृपा शंकर तिवारी, राजनाथ मिश्र बृजेश सिंह आदि का कहना है कि अगर हालात यही रहे तो एक भी दाना घर में नहीं जाएगा। जमा पूंजी भी तबाह हो जाएगी। लोगों का कहना है कि अगर सिवान से किसी तरह पानी निकल जाए तो कुछ जमा पूंजी बचाई जा सकती है।

07 : जगदीशपुर : महुआबोझ गांव में कटे धान को पानी से बाहर निकालता किसान। -संवाद- फोटो : AMETHI

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