अमेठी सिटी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत उपभोक्ताओं को वितरित होने वाले गेहूं में अधिक नमी होने की शिकायत आम हो गई है। शुक्रवार को डोर स्टेप डिलीवरी सिस्टम से कोटे की दुकान पर पहुंचे गेहूं में नमी देखकर कोटेदार भड़क गए। अफसरों ने मशीन से जांच की। जिसमें 12.9 प्रतिशत नमी मिली। इसके बाद जामो डिपो की जांच संयुक्त टीम ने की।
डिपो की जांच टीम को नमी मानक के अनुसार मिली। जिले में संचालित 765 कोटे की दुकानों से उपभोक्ताओं को वितरित होने वाले राशन की आपूर्ति डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से दुकानों तक होती है। मई माह में वितरित होने वाले राशन की आपूर्ति में गेहूं में अधिक नमी होने की शिकायत लगातार कोटेदार विभाग से कर रहे हैं।
शुक्रवार को बस्तीदेई के कोटे की दुकान पर गेहूं लदा ट्रक पहुंचा। ट्रक में लदे गेहूं में नमी देखकर कोटेदारों ने उतरवाने का विरोध कर विभाग के अफसरों को सूचना दी। इतने में बड़ी संख्या में कोटेदार एकत्र हो गए। कोटेदारों का कहना था कि नमी युक्त गेहूं वितरण तक तौल में कम हो जाता है, ऐसे में उन्हें नुकसान होता है।
विपणन विभाग के साथ पूर्ति विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे। अफसरों की जांच में गेहूं में 12.09 प्रतिशत नमी मिली। गेहूं में नमी का मानक 12 प्रतिशत है। टीम ने जामो डिपो में रैंडम जांच में मौजूद गेहूं में नमी 10.9 से 11.02 मिली। डिपो में मानक युक्त नमी के बाद कोटे की दुकान तक पहुंचने में नमी बढ़ जाना एक सवाल है। जिसका जवाब देने से जिम्मेदार बचने की भूमिका में नजर आ रहा है। फिलहाल, कोटेदारों को समझा-बुझाकर गेहूं अनलोड कराने के बाद टीम ने रिपोर्ट अफसरों को सौंपी है।इनसेट
12 प्रतिशत तक नमी मानक में शामिल
क्रय केंद्र प्रभारी व जांच टीम में शामिल एसएमआई प्रमोद ने बताया कि गेहूं में 12 प्रतिशत नमी पर कोई कटौती नहीं होती है। खरीद के दौरान 12 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर कटौती की जाती है। यही हाल गेहूं की आपूर्ति एफसीआई करने पर भी होती है। 12 प्रतिशत से अधिक नमी पर गेहूं नहीं लिया जाता है।
नमी होने से घट जाता है तौल के समय वजन
कोटेदार संघ के तहसील अध्यक्ष सुभाष चंद्र तिवारी ने बताया कि नमी युक्त गेहूं की आपूर्ति के समय मिला वजन वितरण तक गेहूं के सूखने से घट जाता है। जहां वजन कम होने से नुकसान होता है वहीं गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने से उपभोक्ता लेने से इन्कार करते हैं।
डिपो से मानक युक्त गेहूं की होती है आपूर्ति
एफसीआई के प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि गोदाम से मानक के अनुसार गेहूं की आपूर्ति होती है। गेट पास करते समय नमी समेत अन्य जांच पूरी करने के बाद ट्रक बहार जाता है। बाहर ट्रक में नमी बढ़ने या अन्य कमियां होने पर एफसीआई की जिम्मेदारी नहीं है। शुक्रवार को टीम ने एएमओ अरविद्र कुमार, राजेश रंजन व जामो एमआई सुरेश कुमार की मौजूदगी में रैंडम जांच में मानक के अनुसार ही मिली है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
डिप्टीआरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि शुक्रवार को कोटे की दुकान पर पहुंचे गेहूं में नमी होने की शिकायत मिली है। टीम भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। यदि किसी प्रकार के गड़बड़ी की पुष्टि होगी तो जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।