अमेठी सिटी। दो लाख रुपये की रंगदारी के लिए ईंट व्यवसायी विजय कुमार सिंह उर्फ सोनू की हत्या के करीब सात साल पुराने मामले में सोमवार को एडीजे चतुर्थ की अदालत ने चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने चंद्रशेखर केसरवानी, शुभम तिवारी, गोलू उर्फ संदीप जायसवाल और कल्लू मिर्चावाला उर्फ सूरज को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी करार दिया।
फैसला सुनाए जाने के बाद मृतक की पत्नी स्वाति सिंह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि सात साल से परिवार न्याय का इंतजार कर रहा था। विजय को खोने का दर्द कभी कम नहीं होगा, मगर दोषियों को सजा मिलने से लगा कि न्याय के लिए किया गया संघर्ष व्यर्थ नहीं गया। मृतक के भाई अमरेंद्र सिंह ने कहा कि भाई की हत्या के बाद परिवार ने कठिन दौर देखा। आरोपियों को सजा दिलाने के लिए लगातार पैरवी की गई। अदालत के फैसले से संतोष है। परिजन शिवसागर, शुभम और गौरव ने भी फैसले पर राहत जताई।
हत्या के बाद ग्रामीणों ने किया था प्रदर्शन
विजय की 12 नवंबर 2019 को गौरीगंज कोतवाली के विशुनदासपुर से मुसाफिरखाना रोड के पास गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस के अनुसार हत्या रंगदारी की मांग को लेकर की गई थी। घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और पोस्टमार्टम में देरी को लेकर परिजनों व ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था।
पोस्टमार्टम हाउस पर हुआ था डीएम से विवाद
प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन डीएम प्रशांत शर्मा और मृतक के चचेरे भाई व ट्रेनी पीसीएस अधिकारी सुनील सिंह के बीच विवाद हो गया था। डीएम का सुनील सिंह का कॉलर पकड़कर खींचने का वीडियो वायरल हुआ था। मामले में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री व अमेठी सांसद स्मृति इरानी ने भी नाराजगी जताई थी। 14 नवंबर 2019 को शासन ने प्रशांत शर्मा को जिलाधिकारी पद से हटा दिया था। उनकी जगह अरुण कुमार को डीएम बनाया गया।
मुठभेड़ में पकड़ा गया था मुख्य आरोपी
15 नवंबर 2019 को नवोदय विद्यालय के पास पुलिस और बाइक सवार बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई थी। फायरिंग में मुख्य आरोपी चंद्रशेखर केसरवानी और सिपाही राजेश यादव घायल हो गए थे। चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया गया था।
सात साल में ऐसे बढ़ा मामला
12 नवंबर 2019 : विजय की गोली मारकर हत्या।
13 नवंबर : हत्या के विरोध में प्रदर्शन और पोस्टमार्टम में देरी को लेकर विरोध।
14 नवंबर : वायरल वीडियो के बाद डीएम प्रशांत शर्मा को पद से हटाया गया।
15 नवंबर : मुख्य आरोपी चंद्रशेखर मुठभेड़ में घायल होने के बाद पकड़ा गया।
13 अगस्त 2026: अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया।
17 अगस्त 2026: चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।