अमेठी। जिले में सक्रिय साइबर ठग सीधे जिला प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं। साइबर ठगों ने 25 दिन के अंदर दूसरी बार अमेठी डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट के नाम की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उनके एक परिचित द्वारा बनाए ग्रुप पर पैसे की मांग की।
मामला सामने आने के बाद प्रभारी जिला सूचना अधिकारी ने गौरीगंज थाने में अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ केस दर्ज कराया है। फर्जी आईडी बंद करने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
अमेठी के डीएम अरुण कुमार की फोटो लगाकर साइबर ठग द्वारा फेसबुक पर डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट अमेठी के नाम से 25 दिन के अंदर दूसरी बार फर्जी आईडी बनाने का मामला सामने आया है।
पहली बार फेक आईडी बनाने वालों ने जहां उनके लखनऊ निवासी एक परिचित से पैसों की मांग की थी वहीं इस बार गुरुवार को एफबी पर संयुक्त परिषद अमेठी नाम से बने कर्मचारी संगठन के एडमिन से पैसों की मांग की गई। मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रुप एडमिन ने इसकी जानकारी डीएम को दी।
साइबर अपराधियों की ओर से डीएम की फर्जी आईडी तैयार कर धन की डिमांड की बात सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम ने मामले की जानकारी एसपी दिनेश सिंह को देते हुए प्रभारी जिला सूचना अधिकारी शिवदर्शन को केस दर्ज कराने का निर्देश दिया।
प्रभारी डीआईओ की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधी के खिलाफ सूचना एवं प्रोद्योगिकी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर डीएम की फर्जी फेसबुक आईडी को बंद करने के साथ ही मामले की छानबीन शुरू कर दी है। एसपी ने कहा कि डीएम की फर्जी आईडी बनाकर धन की डिमांड करने वालों को जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
अपने पद नाम की दूसरी बार फर्जी आईडी बनाए जाने के बाद डीएम ने जिले वासियों के लिए एक अपील जारी की है। डीएम ने कहा है कि फेसबुक, व्हाट्स एप, ट्विटर, इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल नेटवर्क पर किसी भी व्यक्ति के पैसा मांगने या आपित्तजनक टिप्पणी करने की सूचना तत्काल पुलिस को दें।