कमरौली/मुसाफिरखाना। मुसाफिरखाना तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे इमली गांव निवासी नसीर आवास के पट्टे की भूमि पर 22 वर्षों से निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। इसके लिए वह अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। मगर कब्जा नहीं मिल रहा है। बताया कि हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। एसडीएम अभिनव कनौजिया और सीओ अतुल सिंह ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
डीएम संंजय चौहान और एसपी अपर्णा रजत कौशिक दीवानी न्यायालय के शिलान्यास कार्यक्रम में होने के कारण समाधान दिवस में नहीं पहुंच सके। जगदीशपुर के नियांवा गांव निवासी खालिद ने बताया कि खड़ंजा मार्ग हुए अवैध कब्जे को हटवाने की मांग को लेकर वह पिछले छह माह से तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। अभी तक सुनवाई नहीं हुई। हलका लेखपाल व राजस्व निरीक्षक हीलाहवाली कर रहे हैं। समस्या का समाधान करने के बजाय गलत रिपोर्ट लगा दी जा रही है।
गाजनपुर दुवरिया गांव निवासी नन्हेलाल ने बताया कि चकबंदी के बाद भी चार वर्ष से कृषि पट्टे की भूमि पर कब्जा नहीं मिला। लगातार शिकायत करने के बावजूद न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने अफसरों से कब्जा दिलाने की मांग की। बाजारशुकुल के ईश्वरपुर टेवसी गांव निवासी धर्मराज तिवारी ने बताया कि तीन माह से वह लगातार जनसुनवाई संग समाधान दिवस में शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कच्चे मार्ग की अभी तक पैमाइश नहीं हो पाई। एसडीएम ने टीम भेजकर पैमाइश कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान तहसीलदार राहुल सिंह सहित राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।