अमेठी सिटी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद जिला समाज कल्याण विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। योजना के तहत चयनित एक विवादित फर्म के संचालक ने परियोजना निदेशक व प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी पर 20 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। गठित जिला स्तरीय टीम के सामने फर्म संचालक ने बयान दर्ज कराने से इन्कार करते हुए पत्र भेजा है।
जिले को शासन की ओर से 308 जोड़ों के विवाह कराने का लक्ष्य मिला है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन और विवाह में उपहार सामग्री की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से मेसर्स श्री बालाजी फूड प्रोडक्ट्स बड़ा घोसियाना मलिकमऊ रोड रायबरेली को एल-वन फर्म घोषित करते हुए चयनित किया गया था। चयनित फर्म का फर्जी अभिलेख लगाकर टेंडर लेने का मामला प्रकाश में आने से फर्म के खिलाफ कार्रवाई चल रही है।
फर्म संचालक जगदीश प्रसाद ने प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी व परियोजना निदेशक ऐश्वर्य यादव पर कमीशन मांगने का आरोप लगाया। डीएम संजय चौहान ने जांच के लिए जिला विकास अधिकारी वीरभानु और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी विकास मौर्य की टीम गठित की है। टीम ने फर्म संचालक को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं आए। इस बीच फर्म संचालक ने जांच अधिकारी को पत्र भेजकर अपना बयान व साक्ष्य देने से इन्कार कर दिया।
डीडीओ वीरभानु ने बताया कि फर्म संचालक ने पत्र भेजकर बयान दर्ज नहीं कराने की बात कही है। बताया कि परियोजना निदेशक का बयान दर्ज कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।