अमेठी सिटी। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। जिला मुख्यालय पर 24 घंटे के बजाय करीब 14 घंटे ही बिजली मिल रही है, जबकि तहसील मुख्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आठ से 10 घंटे तक कटौती की जा रही है। उपलब्ध आपूर्ति के दौरान भी लगातार ट्रिपिंग और लोकल फॉल्ट से उमस भरी गर्मी में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बिजली संकट का असर पेयजल व्यवस्था, कारोबार और आम जनजीवन पर पड़ रहा है।
रविवार शाम जिला मुख्यालय की बिजली करीब एक घंटे तक गुल रही। आपूर्ति बहाल होने के बाद भी ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहा। रात 12:40 बजे फिर बिजली चली गई, जो भोर चार बजे बहाल हो सकी। सोमवार सुबह 6:40 बजे आपूर्ति फिर बाधित हुई और 9:53 बजे बहाल हुई। विकास भवन, जीजीआईसी और माधवपुर फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
करपिया पावर हाउस में लाइन मेंटीनेंस के चलते सोमवार सुबह 8:30 बजे से दोपहर एक बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। वहीं मुसाफिरखाना के दादरा फीडर क्षेत्र में गुदरी गांव के पास दो खंभों के बीच तार टूटने से सुबह 8:40 बजे से दोपहर एक बजे तक आपूर्ति ठप रही।
शुकुलपुर उपकेंद्र से रात में चार घंटे और दिन में तीन घंटे बिजली बाधित रही। मऊ, पनियार, एचएएल, पीठीपुर, सेमरौता, तिलोई और भादर उपकेंद्रों से भी छह से आठ घंटे तक कटौती की गई। जामों उपकेंद्र से दिन में हर दो घंटे बाद 15-15 मिनट की कटौती होती रही, जबकि सेमरौता उपकेंद्र क्षेत्र में रात और दिन मिलाकर करीब 10 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही।
अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि कंट्रोल से होने वाली कटौती के अलावा स्थानीय स्तर पर अघोषित कटौती नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकल फॉल्ट दूर करने और लाइन मरम्मत के दौरान कुछ समय के लिए आपूर्ति रोकनी पड़ती है।
ओवरलोडिंग से ग्रामीण फीडर के उपभोक्ता परेशान
जायस। विद्युत उपखंड के देहात फीडर सलोन, तिलोई, जलनिगम और बेरारा में ओवरलोडिंग के कारण पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। रोटेशन के आधार पर आपूर्ति दिए जाने से दिनभर कई बार बिजली बाधित हो रही है। उपभोक्ता सिराज अहमद, रानू और अमरेश ने बताया कि बार-बार बिजली कटने से पेयजल संकट गहरा रहा है। लो-वोल्टेज के कारण विद्युत उपकरण भी प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।