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Amethi News: इंडोरामा फैक्टरी में इलेक्ट्रीशियन की संदिग्ध दशा में मौत

Fri, 27 Feb 2026 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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जगदीशपुर/कमरौली। इंडोरामा फैक्टरी में इलेक्ट्रीशियन जायस के फरीदपुर परवर गांव निवासी देवतादीन (65) की बृहस्पतिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि करंट लगने से देवतादीन की मौत हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। देवतादीन ने राम मंदिर में भी इलेक्ट्रीशियन के तौर पर भी काम किया था।
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मनीष कुमार ने बताया कि उनके ताऊ देवतादीन इंडोरामा फैक्टरी काम करने गए थे। उनका नौकरी का पहला दिन था। उनका नाती विकास सुबह आठ बजे बाइक से फैक्टरी गेट तक छोड़ने गया था। सुबह 9:49 बजे देवतादीन के साले शिवकुमार के पास इंडोरामा अस्पताल से फोन आया कि देवतादीन की मृत्यु हो गई है। शिवकुमार फैक्टरी पहुंचे। वहां उन्हें जानकारी मिली कि शटडाउन के दौरान करंट लगने से उनके जीजा की मौत हुई है। हालांकि, हालांकि कंपनी के अधिकारी अभिनव सिन्हा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई है। संबंधित व्यक्ति देवतादीन ने फैक्ट्री गेट के अंदर प्रवेश नहीं किया था। वे फैक्ट्री गेट तक ही आए थे।फैक्टरी गेट के बाहर हृदयाघात से देवतादीन का निधन हुआ है।


देवतादीन ठेकेदार के माध्यम से फैक्टरी में इलेक्ट्रीशियन पद पर कार्य करने गए थे। परिजनों ने करंट लगने से मौत का आरोप लगाया है, लेकिन अभी तहरीर नहीं दी है। एसओ कमरौली मुकेश पटेल ने बताया कि जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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राम मंदिर में भी कर चुके थे काम
जायस। देवतादीन पूर्व में अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में लगभग साढ़े चार वर्ष तक इलेक्ट्रीशियन रहे। काम पूरा होने के बाद वह घर लौट आए थे। बृहस्पतिवार को ही ठेकेदार के जरिये इंडोरामा फैक्टरी में उन्हें काम मिला था।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जायस। देवतादीन के निधन की सूचना मिलते ही घर पर शोक छा गया। बेटियां कमलेश, मिथिलेश, अनीता और विमलेश का रो-रोकर बुरा हाल है। वह अपने नाती विकास और नातिन के साथ घर पर रहते थे। पास में रहने वाले भाई शोभनाथ सहित अन्य परिजन बिलख उठे। बेटा देशराज लखनऊ में रहता है। पिता की मौत की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गया। मृतक के भाई सहित अन्य परिजन गमगीन हैं। रिश्तेदार परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे।
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