अमेठी। तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को सरकारी जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत को लेकर अधिवक्ता और नायब तहसीलदार के बीच तीखी बहस हो गई। कुछ ही देर में मौके पर कई अधिवक्ता पहुंच गए, जिससे तहसील परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। बाद में अन्य अधिवक्ताओं ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
अधिवक्ता डॉ. सुभाष चंद तिवारी गांव की दुर्गा पूजा की सरकारी जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत लेकर नायब तहसीलदार न्यायालय पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों में बहस में बदल गई। अधिवक्ता का आरोप है कि सरकारी जमीन पर कब्जा कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले भी डीएम और एसडीएम से शिकायत की गई थी, जिसके बाद निर्माण कार्य रुकवाया गया था।
बृहस्पतिवार को दोबारा निर्माण शुरू होने की सूचना मिलने पर वह शिकायत लेकर पहुंचे थे। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर नायब तहसीलदार ने सरकारी जमीन पर निर्माण को लेकर आपत्ति न होने जैसी बात कही, जिससे विवाद बढ़ गया। बार एसोसिएशन अध्यक्ष दिनेश सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा।
एसडीएम पकंज मिश्र ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। यदि कोई शिकायत मिलती है तो जांच करवा कार्रवाई की जाएगी। नायब तहसीलदार सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं। बताया कि एक कब्जे की शिकायत को लेकर आए थे और बहस करने लगे उन्हें समझाया गया कि आखिर क्यों बहस कर रहे हो।