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अमर उजाला एक्सक्लूसिव

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गौरीगंज (अमेठी)। भारत सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद जिले में जिला स्तरीय ड्रगवेयर हाउस निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जिला स्तर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुरूप शासन ने पिछले दिनों भवन निर्माण के लिए 9.19 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए कार्यदायी संस्था भी नामित कर दिया है। ड्रगवेयर हाउस की स्वीकृति मिलने के बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में एक ओर बढ़ोत्तरी हो गई है। निर्माण पूरा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग को प्रतिमाह किराए के रूप में दी जाने वाली राशि की बचत होगी।
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जल्द ही जिले की सुविधाओं की कड़ी में एक और जुड़ जाएगी। जिले के स्वास्थ्य महकमे के पास अब तक अपना ड्रगवेयर हाउस नहीं था। अभी तक ड्रगवेयर हाउस का संचालन शहर स्थित एक किराए के मकान से हो रहा है। विभाग की ओर से लगातार चल रही मांग पर वित्तीय वर्ष 2021-22 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भारत सरकार द्वारा जिला स्तरीय ड्रगवेयर हाउस निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति दे दी गई।
इसके बाद अपर मुख्य सचिव, अध्यक्ष राज्य कार्यकारी समिति एनएचएम तथा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में सात सितंबर की बैठक में राज्य द्वारा भी स्वीकृति दे दी गई। बैठक के दौरान ही ड्रगवेयर हाउस निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को कार्यदायी संस्था नामित कर दिया गया। अमेठी जिला प्रशासन को निशुल्क भूमि मुहैया कराने को भी निर्देश जारी किया गया।
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शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा गौरीगंज तहसील के दक्खिनगांव में गाटा संख्या 1260 एवं 1266 ख से 0.513 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर ड्रगवेयर हाउस के नाम दर्ज कर दिया गया। इसके बाद उक्त भूमि पर भवन निर्माण का ले-आउट प्लान तैयार कर प्रारंभिक प्राक्कलन तैयार कर नौ करोड़ 87 लाख 95 हजार रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। शासन ने पिछले दिनों प्रस्ताव पर ड्रग वेयर हाउस निर्माण के लिए जीएसटी समेत नौ करोड़ 19 लाख 65 हजार रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दे दी।
जिले में ड्रग वेयर हाउस का संचालन अमेठी मार्ग स्थित एक किराए के भवन में चल रहा है। विभाग की ओर से किराए के रूप में प्रतिमाह 75 हजार रुपये का भुगतान भवन स्वामी को दिया जाता है। कारपोरेशन की ओर से जिले को मिलने वाली दवाएं यहां स्टोर की जाती हैं। यहीं से जिले की विभिन्न अस्पतालों के लिए दवाएं भेजी जाती हैं। विभाग का अपना भवन बन जाने के बाद विभाग की प्रत्येक माह 75 हजार रुपये की बचत होगी।
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