आरोप है कि अरुण प्रजापति अपने चार अन्य कार्यकर्ताओं के साथ डंडा, ईंट, पत्थर लेकर पहुंचे। अरुण प्रजापति हाथ में पिस्टल लेकर गाली देते हुए निकले और पिस्टल से फायर कर दिया। घटना में वह बाल-बाल बचे। किसी तरह वह जान बचाकर वहां से भागे।
पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के भतीजे समेत अन्य चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने जानलेवा हमले समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पूर्व मंत्री के भतीजे की पत्नी जिला पंचायत सदस्य हैं। कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी मजरे महमूदपुर निवासी आनंद तिवारी ने कोतवाली में तहरीर देकर पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के भतीजे अरुण प्रजापति समेत चार लोगों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 26 मार्च को दिन में करीब दो बजे लेखपाल द्वारा फोन करके उन्हें बुलाया गया कि तालाब गाटा संख्या 1020, नाली गाटा संख्या 1076 व चक मार्ग गाटा संख्या 1073 की पैमाइश होनी है।
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आरोप है कि वह खनन डाक बंगला रोड स्थित तालाब के समीप बाइक से पहुंचे और लेखपाल का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच अरुण प्रजापति अपने चार अन्य कार्यकर्ताओं के साथ डंडा, ईंट, पत्थर लेकर पहुंचे। अरुण प्रजापति हाथ में पिस्टल लेकर गाली देते हुए निकले और पिस्टल से फायर कर दिया। घटना में वह बाल-बाल बचे। किसी तरह वह जान बचाकर वहां से भागे। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अरुण प्रजापति और अन्य चार कार्यकर्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर किया है। इस बीच पूर्व मंत्री के भतीजे अरुण प्रजापति ने कहा कि मेरे परिवार और मुझको फर्जी मुकदमे में फंसाया जा रहा है। उनके नाम से कोई पिस्टल नहीं है।