गौरीगंज (अमेठी)। डीपीआरओ और परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप जांच में तथ्यहीन पाए गए हैं। एएसपी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी ने डीएम को भेज दी है। बता दें कि सांसद स्मृति ईरानी की अध्यक्षता में 11 मार्च को कलेक्ट्रेट में आयोजित दिशा की बैठक में एमएलसी शैलेंद्र सिंह ने डीपीआरओ श्रीकांत यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे।
एमएलसी ने कहा कि डीपीआरओ ने अंत्येष्टि स्थल देने के नाम पर जामो ब्लॉक के गांव अचलपुर के ग्राम प्रधान से 1.70 लाख रुपये की धन उगाही की। बैठक में मौजूद गौरीगंज के सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने भी पीडी डीआरडीए पर बाजार शुकुल के माझगांव में गैर जनपद के लोगों को आवास देने का आरोप लगाया था। इन गंभीर आरोपों पर केंद्रीय मंत्री ने डीपीआरओ को बैठक से बाहर निकालते हुए दोनों अधिकारियों की गहन जांच व कड़ी कार्रवाई करने को कहा था।
इधर, एसपी ने मामले की जांच एएसपी हरेंद्र कुमार को सौंपी थी। एएसपी ने दो दिन तक माझगांव जाकर न सिर्फ आवास देखे बल्कि आवास लाभार्थियों से बात भी की। डीपीआरओ और पीडी डीआरडीए के भी बयान दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार डीपीआरओ पर कमीशनखोरी का आरोप लगाने वाले अचलपुर के प्रधान एएसपी की ओर से कई बार बुलाए जाने के बावजूद बयान दर्ज कराने ही नहीं आए।
माझगांव में भी गैर जनपद के लोगों को आवास देने का मामला नहीं पाया गया। जांच पूरी करने के बाद गत दिनों एएसपी ने अपनी रिपोर्ट एसपी डॉ. इलामारन जी. को सौंप दी थी। डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिल गई हैै। आगामी बैठक में इसे समिति के समक्ष रखा जाएगा।