संग्रामपुर (अमेठी)। संग्रामपुर थाने से चंद कदम दूर पशु अस्पताल परिसर के जर्जर पड़े आवास के एक कमरे में बृहस्पतिवार शाम युवक का शव फंदे से लटकता मिला। सूचना पर पुलिस के पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग भी पहुंच गए। शव की पहचान 24 दिन से गायब युवक के रूप में हुई। परिजन हत्या की बात कहते हुए धरने पर बैठ गए।
स्थानीय ब्लॉक कार्यालय की बाउंड्री से सटे पशु अस्पताल का भवन पिछले एक दशक से जर्जर पड़ा है। विभाग की ओर नीलामी होने के बाद इसी सप्ताह ठेकेदार द्वारा परिसर में पेड़ों की कटान शुरू कराई गई थी। मजदूरों को कटाई के दौरान कुछ दिनों से दुर्गंध महसूस हो रही थी। मजदूरों को लगा कि कोई जानवर मरा होगा। बृहस्पतिवार दोपहर बाद मजदूर कटाई करते हुए जर्जर भवन के पास पहुंचे। जर्जर भवन के पास मजदूरों ने जब पेड़ की टहनी काटी तो जर्जर भवन की खिड़की से तेज दुर्गंध महसूस हुई।
मजदूरों ने अपने ठेकेदार और ग्राम प्रधान को इसकी सूचना दी। सूचना पर आए ग्राम प्रधान ने देखा युवक का शव फंदे से लटकता दिखा। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। उधर सूचना मिलते ही पुलिस के साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंच गए। पुलिस ने पूरी तरह सड़ चुके शव को रस्सी खोलकर नीचे उतारा। पुलिस ने पहचान कराने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने थाना क्षेत्र के भौसिंहपुर निवासी वंशीलाल के 20 वर्षीय पुत्र अनिकेश गुप्ता उर्फ मदन के पिछले 24 दिन पहले गायब हाने की बात कही। पुलिस ने वंशीलाल को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वंशीलाल मौके पर पहुंचे और कपड़ों से उसकी पहचान अपने पुत्र के रूप में की। परिजनों की शिकायत पर युवक की गुमशुदगी का केस पहले से दर्ज था। इसके बाद मौके पर पहुंचे परिवारीजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाते हुए बवाल शुरू कर दिया। परिजन केस दर्ज करते हुए तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। कोतवाल परशुराम ओझा के समझाने के बाद बात नहीं बनी तो सीओ मनोज कुमार यादव भी मौके पर पहुंच गए। करीब तीन घंटे तक चले बवाल के बाद सीओ के आश्वासन पर परिवार के लोग शांत हुए। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
तहरीर मिलते ही दर्ज होगा केेस
सीओ मनोज कुमार यादव ने बताया कि युवक पिछले 24 दिन पहले गायब था। परिजनों की बात को मान लिया गया है। अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर जांच कर आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते कार्यवाही करती तो उनके बेटे की जान बच जाती। वे लोग पिछले कई दिनों से लगातार बेटे के मोबाइल का सीडीआर मांग रहे थे। लेकिन पुलिस ने सिर्फ गुमशुदगी दर्ज कर कुछ नहीं किया।
दिन भर काम करने के बाद हुआ था गायब
युवक चार अप्रैल को दिन भर अपना काम कर घर वापस आया था। शाम को घर में कालिकन धाम मंदिर जाने की बात कहकर निकला था। युवक उसके बाद वापस नहीं आया। काफी खोज करने के बाद कहीं सुराग नहीं लगा तो परिजनों ने थाने में तहरीर देकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।