बंद पड़ी साधन सहकारी समिति खेरौना। संवाद
अमेठी सिटी। जिले में डीएपी और यूरिया का पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद धान की रोपाई के सबसे अहम समय में किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। सहकारी समितियों पर लंबी कतारें, बंद केंद्र, सर्वर की तकनीकी खराबी और सीमित वितरण के कारण किसानों का पूरा दिन खाद की तलाश में गुजर रहा है। समय पर खाद नहीं मिलने से धान की रोपाई प्रभावित होने लगी है।
गौरीगंज के इफको केंद्र और माधवपुर साधन सहकारी समिति पर सोमवार सुबह से किसानों की भीड़ रही। संतराम मौर्य, सुभाष सिंह, शिवअचल सिंह और पारसनाथ तिवारी ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद भी जरूरत के मुताबिक डीएपी नहीं मिली। माधवपुर समिति के सचिव संजय द्विवेदी ने तकनीकी कारणों से वितरण प्रभावित होने की बात कही।
जगदीशपुर समिति बंद मिली तो किसान बिना खाद लौट गए। खेरौना समिति 18 महीने से बंद है। गोरखापुर समिति पर भी ताला लटका मिला। भदांव, ढेमा और खरगपुर समितियों पर डीएपी नहीं मिली, जबकि कुरंग बी-पैक्स पर यूरिया के लिए लंबी कतार लगी रही। सेमरौता समिति पर खाद उपलब्ध होने के बावजूद वितरण नहीं हो सका। कई समितियों पर सर्वर ठप रहने से भी किसान मायूस लौटे।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन बयान देने बचने में जुटे रहे। मामले में उपनिदेशक कृषि सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि मामले में जांच कराई जाएगी। जहां खाद नहीं होगी और स्टॉक भेज किसानाें को प्रत्येक दशा में उर्वरक उपलब्ध कराई जाएगी।
खाद का नियमित वितरण कराया जाए
सेवानिवृत्त जिला कृषि अधिकारी शिवनंदन सिंह ने बताया कि धान की रोपाई के शुरुआती चरण में डीएपी का समय पर प्रयोग जरूरी है। देरी होने पर पौधों की बढ़वार प्रभावित होती है और उत्पादन कम हो सकता है। उन्होंने सहकारी समितियों पर नियमित वितरण, पर्याप्त भंडारण और वैकल्पिक केंद्रों की समय पर जानकारी उपलब्ध कराने की जरूरत बताई।
फैक्ट फाइल
साधन सहकारी समितियां : 81
इफको केंद्र : 4
इफको फ्रेंचाइजी : 31
खाद की दुकान 837
बीज की दुकानें : 617
कीटनाशक की दुकानें : 600
खाद उपलब्धता मांग (क्विंटल में )
डीएपी 50,260 25,800
एनपीके 21,840 7,800
यूरिया 1,97,120 1,73,970
एसएसपी 26,670 14,580