अमेठी सिटी। दीपावली त्योहार के बाद परदेसियों पर अब वापसी का दबाव है। एक्सप्रेस ट्रेनों सहित इंटरसिटी में यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। रातभर स्टेशन पर कतार लगाने के बाद भी लोगों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं। बसें भी खचाखच भरी हैं। अस्थायी बस स्टॉप पर यात्रियों की भीड़ देखी जा रही है।
परिवार संग दीपावली मनाने वालों को अब लौटने में दिक्कत हो रही है। शनिवार को गौरीगंज पहुंचने वाली पद्मावत एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ, पंजाब मेल, जनता एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस सहित इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्रियों की भारी भीड़ रही। भीड़ की वजह से यात्रियों को ट्रेनों में चढ़ने में मशक्कत करनी पड़ी। अस्थायी बस स्टाॅप पर भी लोग बसों का इंतजार करते रहे। बस पहुंचने के बाद सीट नहीं मिलने से लोगों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी।
रेलवे स्टेशन पर मिले श्याम कुमार ने बताया कि दिल्ली जाना है। आरक्षण नहीं करवा पाए। ट्रेन में भीड़ में चढ़ नहीं पाए। अब शाम को दिल्ली जाने वाली बस से टिकट बुक करवाया हूं। बस वाले ने 1200 रुपये किराया मांगा है। प्लेटफार्म पर ट्रेन के इंतजार में सपरिवार बैठे धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि आने का टिकट तो किसी तरह मिल गया, लेकिन वापसी का टिकट नहीं हो पाया था। सामान्य कोच में यात्रा के लिए टिकट लिया है, लेकिन नीलांचल एक्सप्रेस में चढ़ने को नहीं मिला। अब काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से दोबारा कोशिश करेंगे।
ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची
अमेठी से महानगरों को जाने वालीं ट्रेनों में तीन दिन तक नोरूम है। प्रतीक्षा सूची का आंकड़ा 150-200 के बीच चल रहा है। तत्काल कोटे का टिकट भी नहीं मिलने से मजबूरी में साधारण कोच से यात्रा करनी पड़ रही है। लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी रेल ट्रैक से दिल्ली जाने वाली माल टाउन एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस व पद्मावत एक्सप्रेस में चार दिन तक वेटिंग चल रही है। उद्योगनगरी में 15 नवंबर तक प्रतीक्षा सूची का आंकड़ा 182 के ऊपर है। पंजाब मेल में भी तीन दिन तक नोरूम है। भोपाल-प्रतापगढ़, अर्चना एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों का भी यही हाल है।
तत्काल में पांच-छह लोगों को ही मिल रहे टिकट
लोग एक दिन पहले से आरक्षण केंद्र पर कतार लगा रहे हैं। प्रतिदिन एसी में करीब सात से 10, तो स्लीपर में 15-20 फाॅर्म दिए जा रहे हैं। इसमें से एसी में दो-तीन और स्लीपर में पांच-छह लोगों को ही तत्काल टिकट मिल पा रहे हैं। इस समय ट्रेनों में सीटें फुल हैं। यह स्थिति लगभग एक सप्ताह तक बनी रहेगी।
-प्रवीण सिंह, स्टेशन अधीक्षक