अमेठी सिटी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए जिले में 80 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कराया जाएगा। इनमें 43 भवन खाद्य एवं रसद विभाग तथा 49 मनरेगा के तहत बनाए जाएंगे। इससे पहले 60 भवनों का निर्माण कराया जा चुका है। नए भवन बनने के बाद उपभोक्ताओं को राशन के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की सुविधाएं भी एक ही स्थान पर मिल सकेंगी।
कोटे की दुकानों को मॉडल जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां उपभोक्ता राशन लेने के साथ आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन, खसरा-खतौनी की नकल, विभिन्न सरकारी योजनाओं के ऑनलाइन आवेदन और भविष्य में गैस सिलिंडर जैसी सुविधाएं भी प्राप्त कर सकेंगे।
पहले चरण में 500 दुकानों को मॉडल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक भवन लगभग 484 वर्ग फीट क्षेत्रफल में बनेगा और 15 लाख रुपये तक की लागत से निर्माण कराया जाएगा। खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ई-पॉश मशीन से वितरण और डिजिटल प्रणाली को बढ़ावा दिया गया है। अब दुकानों के भौतिक ढांचे को भी सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि कालाबाजारी पर अंकुश लगे और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिल सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत भवन और शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक भवनों के निकट अन्नपूर्णा भवन बनाए जाएंगे। संकरी गलियों में स्थित दुकानों तक खाद्यान्न वाहन पहुंचने में कठिनाई होती है, इसलिए नए भवन सुगम स्थानों पर बनाए जाएंगे।
इतनी जगह में बनेगा मॉडल भवन
निर्मित उचित दर दुकान का कुल क्षेत्रफल लगभग 484 वर्ग फीट होगा। एक बड़े कक्ष में दुकान और सीएससी के लिए अलग-अलग स्थान रहेगा। सामने 24 फीट लंबा बरामदा होगा जो प्रतीक्षालय के रूप में काम करेगा। यहां बैठने की व्यवस्था, पेयजल सुविधा और नोटिस बोर्ड लगाए जाएंगे।
जिले में राशन की 765 दुकानें
जिले में कुल 765 सरकारी राशन की दुकानें संचालित हैं। 70,031 अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति माह 35 किलो राशन मिलता है, जबकि 2,71,992 पात्र गृहस्थी कार्ड से जुड़े 11,56,142 सदस्यों को प्रति सदस्य पांच किलो राशन दिया जाता है।
निर्माण प्रस्ताव को मिल चुकी स्वीकृत
जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 80 अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिल सके।