अमेठी। स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायतों में निर्मित होने वाले सामुदायिक प्रसाधन भवन का निर्माण जिम्मेदारों की उपेक्षा का शिकार हैं। आलम ये है कि शासन-प्रशासन के निर्देश के बाद भूमि दर्ज करने के बावजूद आज तक लोहरता ग्राम पंचायत में प्रसाधन निर्माण शुरू नहीं हो सका। ऐसे में जहां शासन की मंशा फ्लॉप हो रही है वहीं लोगों को योजना के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार की ओडीएफ योजना को सफल बनाने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक प्रसाधन निर्माण किया जाना है। शासन के निर्देश के बाद डीएम अरुण कुमार ने सभी ग्राम प्रधानों को राजस्व विभाग के सहयोग से भूमि चिह्नित कर प्रसाधन निर्माण कराने का निर्देश दिया है।
ग्राम पंचायतों के खाते में धनराशि भी अवमुक्त हो चुकी है। धनराशि अवमुक्त होने के बाद भूमि चिह्नित कर अभिलेखों में दर्ज की गई है। इसके बावजूद अमेठी ब्लॉक की लोहरता ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका।
ग्राम प्रधान रीता श्रीवास्तव ने बताया कि चिह्नित भूमि पर नींव खोदाई का कार्य शुरू हुआ तो ग्रामीण विवाद करने लगे जिसके बाद पुन: पैमाइश कराई तो फिर ग्रामीण विवाद कर रहे हैं। जिसके कारण अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। तहसीलदार पल्लवी सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। हल्का लेखपाल को मौके पर भेजकर पैमाइश कराकर भूमि सुरक्षित करते हुए निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किया जाएगा।