गौरीगंज (अमेठी)। शहर के पलिया गांव में चिह्नित व बैनामा ली गई भूमि पर पुलिस लाइंस के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। विभाग की मांग पर तैयार आगणन रिपोर्ट को शासन ने वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए एक करोड़ रुपये की टोकन मनी भी जारी कर दी है। पीडब्ल्यूडी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
जिला गठन के बाद जिला मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर अमेठी तहसील मुख्यालय पर अस्थायी भवन में संचालित अमेठी पुलिस लाइन को अपना भवन मिल जाएगा। पुलिस लाइन के लिए शासन के निर्देश पर पूर्व में ही सैठा रोड स्थित पलिया गांव में 144 किसानों से 75.5 एकड़ भूमि 49 करोड़ रुपये का भुगतान कर बैनामा कराई जा चुकी है।
भूमि मिलने के बाद विभाग ने पीएचक्यू इलाहाबाद के माध्यम से शासन से निर्माण के लिए धनावंटन करने की मांग की थी। शासन की मांग पर पुलिस विभाग लोक निर्माण विभाग से 225 करोड़ रुपये का आगणन तैयार कराकर शासन को भेजा था। लंबे समय तक चली कवायद के बाद शासन ने आगणन पर वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।
स्वीकृति के बाद शासन की ओर से एक करोड़ रुपये की टोकन मनी भी जारी कर दी गई है। शासन ने लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया है। टोकन मनी जारी होने के बाद एसपी दिनेश सिंह ने कार्यदायी संस्था के अफसरों के साथ बैठक कर मानचित्र आदि को अंतिम रूप देने का काम शुरू कर दिया।
112 कार्यालय भवन का होगा निर्माण
225 करोड़ की लागत से पुलिस लाइन में ऑडिटोरियम, परेड ग्राउंड, अर्दली कक्ष, प्रतिसार निरीक्षक कार्यालय, शस्त्रागार, फोरेंसिक साइंस भवन कंट्रोल रूम कक्ष, 112 कार्यालय भवन का निर्माण होगा। इसके साथ ही प्ले ग्राउंड, अतिथि गृह, मनोरंजन कक्ष, बैटमिंटन ग्राउंड, कर्मचारी आवास टाइप-वन, टू और थ्री, चार राजपत्रित अफसरों केे आवास के साथ ही महिला व पुरुष बैरक के अलावा तकरीबन सभी प्रकार का निर्माण पूरा कराकर संसाधनों से लैश किया जाएगा।
दूर होगी पुलिस कर्मियों की दिक्कत
किराए के भवन में पुलिस लाइंस चलने से सर्वाधिक दिक्कत पुलिस कर्मियों को उठानी पड़ रही थी। यहां तैनात दरोगा व सिपाहियों को किराए के मकान में रहना पड़ता है। पुलिस लाइन बन जाने से पुलिस कर्मियों की परेशानी दूर हो जाएगी।
13 किमी. दूर है पुरानी पुलिस लाइन
अस्थायी भवन में संचालित पुलिस लाइन 13 किलोमीटर दूर होने से अधिकारियों व कर्मचारियों को वाहन के ईंधन के रूप में ज्यादा धन खर्च करना होता था। पुलिस लाइन जिला मुख्यालय पर होने से विभाग को आर्थिक क्षति नहीं उठानी होगी। साथ ही बड़े अधिकारियों के बुलाने पर जिम्मेदारों को उन तक पहुंचने के लिए ज्यादा समय नहीं लगेगा।
जल्द आवंटित होगी पर्याप्त राशि
एसपी दिनेश सिंह ने कहा कि शासन ने उनकी ओर से भेजी गई आगणन रिपोर्ट पर वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था नामित होने तथा टोकन मनी जारी होने से अब निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। बताया कि आदर्श आचार संहिता समाप्त होने के बाद निर्माण के लिए पहली किस्त जारी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।