अमेठी सिटी। राहुल गांधी के समर्थन में प्रस्तावित दिल्ली कूच से पहले बुधवार को जिले में कई कांग्रेस नेताओं को उनके आवासों पर ही रोक दिया गया। कांग्रेस ने इसे हाउस अरेस्ट बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया, जबकि पुलिस ने कार्रवाई को एहतियाती कदम बताया।
प्रदेश कांग्रेस सचिव धर्मेंद्र शुक्ल, पूर्व मंत्री आशीष शुक्ला, कांग्रेस नेता विनोद कुमार मिश्र, डॉ. देवमणि तिवारी और एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सुमित तिवारी समेत कई नेताओं के घरों पर सुबह से पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना होने वाले थे, लेकिन उन्हें घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
धर्मेंद्र शुक्ल ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने से रोकना लोकतंत्र के खिलाफ है। डॉ. देवमणि तिवारी ने प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया। पूर्व मंत्री आशीष शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी। उधर, पुलिस का कहना है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
सपा नेता जयसिंह भी दिल्ली में हिरासत में
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान समाजवादी छात्रसभा के अमेठी निवासी जयसिंह प्रताप यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। देर रात करीब दो बजे उन्हें रिहा कर दिया गया। जयसिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पर हिरासत में लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा।